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पवर्ग meaning in Hindi

pronunciation: [ pevrega ]
पवर्ग meaning in English

Examples

  1. उच्चारण - कहा जाता है अरबी भाषा को कंठ से और अंग्रेजी को केवल होंठों से ही बोला जाता है किन्तु संस्कृत में वर्णमाला को स्वरों की आवाज के आधार पर कवर्ग , चवर्ग , टवर्ग , तवर्ग , पवर्ग , अन्तःस्थ और ऊष्म वर्गों में बाँटा गया है।
  2. उच्चारण - कहा जाता है अरबी भाषा को कंठ से और अंग्रेजी को केवल होंठों से ही बोला जाता है किन्तु संस्कृत में वर्णमाला को स्वरों की आवाज के आधार पर कवर्ग , चवर्ग , टवर्ग , तवर्ग , पवर्ग , अन्तःस्थ और ऊष्म वर्गों में बाँटा गया है।
  3. संस्कृत में किसी शब्द के अंतर्गत वर्णमाला के कवर्ग से पवर्ग तक के वर्णों ( अर्थात् ‘क' से ‘म' तक के वर्ण) के पूर्व अनुस्वार नहीं लिखा जाता है, बल्कि उसके स्थान पर संबंधित वर्ग का पांचवां वर्ण लिखा जाता है, जैसे कङ्कण (कड़ा या चूड़ी), कञ्चन (स्वर्ण), कण्टक (कांटा), कन्दर (गुफा), कम्पन (कांपना), आदि ।
  4. न कोई स्त्रीलिंग स्वर न व्यंजन ! एक तरफ़ से देख लो अ , आ , उ , ऊ , ए , ऐ , ओ , औ अं , अ : सबके सब मर्दलिंग ! इसके बाद कवर्ग , चवर्ग , तवर्ग , पवर्ग , टवर्ग , यवर्ग जिधर देखती हूं उधर पुल्लिंग ही पुल्लिंग दिखते हैं।
  5. न कोई स्त्रीलिंग स्वर न व्यंजन ! एक तरफ़ से देख लो अ , आ , उ , ऊ , ए , ऐ , ओ , औ अं , अ : सबके सब मर्दलिंग ! इसके बाद कवर्ग , चवर्ग , तवर्ग , पवर्ग , टवर्ग , यवर्ग जिधर देखती हूं उधर पुल्लिंग ही पुल्लिंग दिखते हैं।
  6. सारे वर्गांत ( कवर्ग के अंत में ङ् , चवर्ग के अंत में ञ , टवर्ग के अंत में ण , तवर्ग के अंत में न , पवर्ग के अंत में म , ) अक्षरों का उच्चारण जिसे “ माहेश्वर सूत्र में सातवें सूत्र ” ञमङ्णनम ” के नाम से जाना गया है , का उच्चारण नाक से होता है।
  7. सारे वर्गांत ( कवर्ग के अंत में ङ् , चवर्ग के अंत में ञ , टवर्ग के अंत में ण , तवर्ग के अंत में न , पवर्ग के अंत में म , ) अक्षरों का उच्चारण जिसे “ माहेश्वर सूत्र में सातवें सूत्र ” ञमङ्णनम ” के नाम से जाना गया है , का उच्चारण नाक से होता है।
  8. क वर्ग में क , ख , ग , घ , अ : , चवर्ग में च , छ , ज , झ , ण , टवर्ग में ट , ठ , ड , ढ , ण , तवर्ग में त , ध , द , ध , न तथा पवर्ग में प , फ , ब , भ , म अक्षर आते हैं।
  9. इसी तरह “ तवर्ग ” के शब्दों में आधा “ न ” से अनुनासिक ध्वनि आयेगी . जैसे : अन्त , चिन्ता , मन्थर , कन्द , मन्द , अन्धड़ , बन्धन , सन्देह आदि . “ पवर्ग ” से बनने वाले शब्दों में आधा “ म ” से अनुनासिक ध्वनि आयेगी . जैसे कम्पन , चम्बल , कम्बल , दम्भ , चम्पा , खम्भा आदि . अब “ सम्बन्ध ” शब्द को लें .
  10. संस्कृत में किसी शब्द के अंतर्गत वर्णमाला के कवर्ग से पवर्ग तक के वर्णों ( अर्थात् ‘ क ' से ‘ म ' तक के वर्ण ) के पूर्व अनुस्वार नहीं लिखा जाता है , बल्कि उसके स्थान पर संबंधित वर्ग का पांचवां वर्ण लिखा जाता है , जैसे कङ्कण ( कड़ा या चूड़ी ) , कञ्चन ( स्वर्ण ) , कण्टक ( कांटा ) , कन्दर ( गुफा ) , कम्पन ( कांपना ) , आदि ।
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