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न्याय समिति meaning in Hindi

pronunciation: [ neyaay semiti ]
न्याय समिति meaning in English

Examples

  1. भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय यशस्वी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह जी ने समाज में आरक्षण पाने से वंचित पिछड़े तबके के लोगों को आरक्षण का समुचित लाभ मिल पाये इसके लिए समाजिक न्याय समिति का गठन किया।
  2. लखनऊ - भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) की उत्तर प्रदेश इकाई ने सूबे की अखिलेश सरकार से पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के शासनकाल के दौरान गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू करने की मांग की है।
  3. इस सन्दर्भ में गुजरात राज्य ग्रामपंचायत सामाजिक न्याय समिति मंच द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि ‘ गुजरात के 67 गांवों में से 397 गांवों में दलितों के लिए दफनाने के लिए कोई अलग भूमि आवंटित नहीं है।
  4. साथ ही इसने आगे ऐसे किसी भी अपराध में लिप्त न होने की सौगंध खायी है . .अतः “ख” को अपराध मुक्त किया जाता है और साथ ही उसकी पवित्र भावना का आदर करते हुए ससम्मान न्याय समिति में सलाहकार पद पर नियुक्त किया जाता है..”
  5. उन्होंने कहा , ” राजनीतिक स्वार्थो के नाते सामाजिक न्याय समिति की संस्तुतियों को लागू करने से बचती सरकारों ने आरक्षण के नाम पर राजनीति तो खूब की , पर जब हिस्सेदारी देने की बात आती है तो कहीं न कहीं आश्चर्यजनक चुप्पी छा जाती है।
  6. पर राजनैतिक सवार्थो के नाते सामाजिक न्याय समिति की संस्तुतियों को लागू करने से बचती सरकारों ने आरक्षण के नाम पर राजनीति तो खूब करी , पर जब हिस्सेदारी देने की बात आती है तो कहीं न कहीं आश्चर्यजनक चुप्पी की ओर अग्रसर हो जाती है।
  7. नेशनल असेंबली की न्याय समिति भ्रष्टाचार के कृत्यों के लिए मुकदमा चलाया जा रहा का आरोप लगाया , इस तथ्य पर बल दिया , अधिकारियों कम्यून स्तर प्रतिशत , 30.9 % ही बहुत कुछ ( 0 केंद्रीय स्तर पर कब्जा कर लिया था 3 % ) .
  8. लेही जो शक्तिशाली सीनेट न्याय समिति के अध्यक्ष हैं , शुक्रवार को कहा कि क्लिंटन के पास दौड़ में बने रहने की पर्याप्त वजह नहीं है और अगर वो फिर भी बनी रहती हैं तो एक तरह से वो केवल रिपब्लिक पार्टी की जीत को मज़बूत कर रहीं हैं.
  9. सपा मुखिया को ‘सामाजिक न्याय यात्रा ' निकालने से पहले इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में अति पिछड़ी जातियों का अलग-अलग आरक्षण कोटा निश्चित करने के लिए लागू की गई सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशों को लागू न होने देने की साजिश किसके इशारे पर रची गई।
  10. गौरतलब है कि 2001 में उप्र सरकार की ओर से गठित सामाजिक न्याय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राज्य में पिछड़े वर्गो के यादव , कुर्मी, जाट को आरक्षण का कभी लाभ मिल चुका है जबकि केवट मल्लाह, निषाद मोमिन, कु हार, कश्यप आदि जातियों को बहुत कम लाभ मिला है।
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