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नग़्मा meaning in Hindi

pronunciation: [ negaaa ]
नग़्मा meaning in English

Examples

  1. ये परियों की बस्ती सितारों का मजमा यहां गूंजता है मुहब्बत का नग़्मा यहां प्यार के हैं दीवाने सभी हर इक तारा हो इन पर वारा
  2. मैं आऊंगा फिर हम तुम गाएंगे मिलकर ज़िंदगी का मुक़द्दस नग़्मा और क़त्लगाह के ख़ूं से सने हर सुतून पर कर देंगे तहरीर शबे-वस्ल की महक को
  3. ( ठहरकर ऊंची आवाज़ में ) अब तुम गा भी नहीं सकते , चरवाहों का वह नग़्मा जिसे सुनकर लोग तुम्हारे दीवाने हो जाया करते थे ( ठहरकर ) गा ओ. ..
  4. मुहब्बत के लिये कुछ ख़ास दिल मखसूस होते हैं , यह वह नग़्मा है जो हर साज पे गाया नहीं जाता। .... और अंत में ..... ४ . जिसको चाहा वही मिला होता तो मुहब्बत मज़ाक़ हो जाती
  5. ' मजरूह तुम्हारा नग़्मा मेरी नज़्म से भी ज़्यादा खूबसूरत है ' ईमानदार लोगों का दौर था गीत भाई ; आज जैसे चौट्टाई का नहीं थी कि किसी और का गीत उठा कर पिक्चर में पेल दिया अपने नाम से .
  6. ये नग़्मा इतना बेहतरीन लिखा गया है कि हर हारने वाले के अंदर दुनिया जीतने का जज़्बा हो सकता है . ..दुनिया का हर वो आदमी जिसने कभी ना कभी तुमपर भरोसा ना किया हो, उसे ग़लत साबित करहने का हौसला देता है ये गाना..सिर्फ़ एक लफ़्ज़....बेहतरीन..
  7. मुझे तुम्हारे तग़ाफ़ुल से क्यूं शिकायत हो मेरी फ़ना मीर एहसास का तक़ाज़ा है मैं जानता हूँ के दुनिया का ख़ौफ़ है तुम को मुझे ख़बर है ये दुनिया अजीब दुनिया है यहाँ हयात के पर्दे में मौत चलती है शिकस्त साज़ की आवाज़ में रू नग़्मा है
  8. ये ऊँचे ऊँचे मकानों की देवड़ीयों के बताना या कहना हर काम पे भूके भिकारीयों की सदा हर एक घर में अफ़्लास और भूक का शोर हर एक सिम्त ये इन्सानियत की आह-ओ-बुका ये करख़ानों में लोहे का शोर-ओ-गुल जिस में है दफ़्न लाखों ग़रीबों की रूह का नग़्मा
  9. रहो बरबाद गाओ फरीद करो तमाशा मरो अकड़ में मुझे बख़्शो बख़्शो मेरा बोरिया मैं चला टूरियाँ टूरियाँ *** अपने कहे से बिंधे एक ख़ाक़सार का नग़्मा जिसने कभी कहे थे कुछ अलफ़ाज दहाड़ते हुए और तब से भूला हुआ है खुद को इसे कहकर भूल जाना कहकर भेज दिया तुमने वह शब्द कहने के लिये प्रलय बन गये जो साँस की तरह पराये उन विधर्मियों के लिये
  10. चिट्ठी चली मुंबई से लाहौर और फ़ैज़ साहब का जवाब आया . ..'मजरूह तुम्हारा नग़्मा मेरी नज़्म से भी ज़्यादा खूबसूरत है' ईमानदार लोगों का दौर था गीत भाई;आज जैसे चौट्टाई का नहीं थी कि किसी और का गीत उठा कर पिक्चर में पेल दिया अपने नाम से.चोखे लोगों का ज़माना था और यह फ़ैज़ का फ़ैज़ ही है जिसके चलते दिलो-दिमाग़ में हर लम्हा तारी रहता उनका लिखा.दो सुरीली पोस्ट्स के लिये शुक्राने ढ़ेर सारे...
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