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द्विभुज meaning in Hindi

pronunciation: [ devibhuj ]
द्विभुज meaning in English

Examples

  1. द्विभुज राम के हाथों में धनुष और बाण प्रदर्शित होते हैं , जैसा कि शिवरीनारायण के श्रीराम जानकी मंदिर और खरौद के शबरी मंदिर में मिलता है।
  2. पूजा करते समय और कथा श्रवण-पठन करते समय नीलवसना परम द्युतिमती भगवती श्रीराधाजी के सहित नव-नील-नीरद-श्याम-घन , पीत वस्त्रधारी द्विभुज मुरलीधर पुरुषोत्तम भगवान का ध्यान करते रहना चाहिए।
  3. चतुर्भुज रूप में वे बैकुंठ में देवी लक्ष्मी , सरस्वती, गंगा और तुलसी के साथ वास करते हैं परन्तु द्विभुज रूप में वे गौलोक घाम में राघाजी के साथ वास करते हैं।
  4. मध्यकाल में पहुँचते-पहुँचते ब्रज क्षेत्र के अतिरिक्त - जहाँ कुषाणकालीन मदिरा पीने वाले द्विभुज बलराम मूर्तियों की परंपरा ही चलती रही - बलराम की प्रतिमा का स्वरूप बहुत कुछ स्थिर हो गया।
  5. मध्यकाल में पहुँचते-पहुँचते ब्रज क्षेत्र के अतिरिक्त - जहाँ कुषाणकालीन मदिरा पीने वाले द्विभुज बलराम मूर्तियों की परंपरा ही चलती रही - बलराम की प्रतिमा का स्वरूप बहुत कुछ स्थिर हो गया।
  6. मध्यकाल में पहुँचते-पहुँचते ब्रज क्षेत्र के अतिरिक्त - जहाँ कुषाणकालीन मदिरा पीने वाले द्विभुज बलराम मूर्तियों की परंपरा ही चलती रही - बलराम की प्रतिमा का स्वरूप बहुत कुछ स्थिर हो गया।
  7. चतुर्भुज रूप में वे बैकुंठ में देवी लक्ष्मी , सरस्वती , गंगा और तुलसी के साथ वास करते हैं परन्तु द्विभुज रूप में वे गौलोक धाम में राधाजी के साथ वास करते हैं।
  8. वे चार मिख वाले न होकर भी लोकस्रष्टा ब्रह्मा हैं चतुर्भुज न होकर भी द्विभुज दूसरे विष्णु हैं ५ मुख तथा १ ५ नेत्र न होने पर भी साक्षात भगवान शंकर हैं -
  9. विश्वसारतंत्र में लिखा है कि - मस्तक में जो शुभ्र-वर्ण का कमल है , योगी प्रभात-काल में उस पदम् में गुरू का ध्यान करते है कि वह शांत, त्रिनेत्र, द्विभुज है और वह वर एवं अभय मुद्रा धारण किये हुये
  10. विश्वसारतंत्र में लिखा है कि - मस्तक में जो शुभ्र-वर्ण का कमल है , योगी प्रभात-काल में उस पदम् में गुरू का ध्यान करते है कि वह शांत, त्रिनेत्र, द्विभुज है और वह वर एवं अभय मुद्रा धारण किये हुये है।
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