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तजरुबा meaning in Hindi

pronunciation: [ tejrubaa ]
तजरुबा meaning in English

Examples

  1. यदि इस तरह का कोई महकमा सचमुच ही बन जाय - यदि इस तरह की कोई व्यवस्था सचमुच ही हो जाय - तो और लोगों को किसी भी महत्वपूर्ण विषय में तजरुबा हासिल करने का मौका ही न मिलेगा और इस जन-समूह के कार्यकर्ताओं के कामों की आलोचना करने , और प्रतिबंधपूर्वक उसे एक मुनासिब हद के भीतर रखने , की उनमें शक्ति ही न रह जायगी।
  2. मुझे बचपन से ग्राफिक का शौक है , अब जब इन्टरनेट की हिन्दी दुनिया मे आया हूं तो कुछ कमाल करना चाहता हूं ये नीचे जो गिफ तसवीरें हैं , इन्हें Corel R.A.V.E ( Beta ) पर बनाया है - अब ये आप हिन्दी दोस्तों पर है कि इसे पसंद करें तो आगे और भी बेहतरीन हिन्दी अनीमेटद आईकोन्स बनाऊँगा , वैसे ये पहला भाग है यानी एक तजरुबा
  3. चूंकि हिन्दी में प्रतिमा निर्माण और प्रतिमा पूजन की सुदीर्घ परम्परा है इसलिए मेरा तजरुबा यह रहा है कि अगर आप किसी लेख की प्रतिक्रिया में या ज़्यादा सही होगा यह कहना कि किसी बहस को आगे बढ़ाने की ग़रज़ से कुछ लिखते हैं और असहमत होते हैं तो आप को इस आरोप के लिए तैयार रहना चाहिए कि आप ने वह सब किसी को नीचा दिखाने के लिए लिखा है .
  4. इस तरह इनका तजरुबा हिमायत अली शायर और साहिल अहमद से बिल्कुल अलग हो जाता है और नज़्म में तासीर और नग़मगी की फ़िज़ा क़ाइम हो जाती है जो क़ारी को बाँधे रखती है- मसलन ग़म की बारात ले गए होते जाने वाले चले गए तन्हा मुझको भी साथ ले गए होते शब हुई झिलमिला गए जुगनू सुन के मेरे तबादले की ख़बर उसकी आँखों में आ गए आँसू रिवायत से हटकर किसी नई सिंफ़ में तजरुबा करना और उसे मक़बूल ए ख़ास ओ आम बनाना बच्चों का खेल नहीं है।
  5. इस तरह इनका तजरुबा हिमायत अली शायर और साहिल अहमद से बिल्कुल अलग हो जाता है और नज़्म में तासीर और नग़मगी की फ़िज़ा क़ाइम हो जाती है जो क़ारी को बाँधे रखती है- मसलन ग़म की बारात ले गए होते जाने वाले चले गए तन्हा मुझको भी साथ ले गए होते शब हुई झिलमिला गए जुगनू सुन के मेरे तबादले की ख़बर उसकी आँखों में आ गए आँसू रिवायत से हटकर किसी नई सिंफ़ में तजरुबा करना और उसे मक़बूल ए ख़ास ओ आम बनाना बच्चों का खेल नहीं है।
  6. इस तरह इनका तजरुबा हिमायत अली शायर और साहिल अहमद से बिल्कुल अलग हो जाता है और नज़्म में तासीर और नग़मगी की फ़िज़ा क़ाइम हो जाती है जो क़ारी को बाँधे रखती है- मसलन ग़म की बारात ले गए होते जाने वाले चले गए तन्हा मुझको भी साथ ले गए होते शब हुई झिलमिला गए जुगनू सुन के मेरे तबादले की ख़बर उसकी आँखों में आ गए आँसू रिवायत से हटकर किसी नई सिंफ़ में तजरुबा करना और उसे मक़बूल ए ख़ास ओ आम बनाना बच्चों का खेल नहीं है।
  7. इस तरह इनका तजरुबा हिमायत अली शायर और साहिल अहमद से बिल्कुल अलग हो जाता है और नज़्म में तासीर और नग़मगी की फ़िज़ा क़ाइम हो जाती है जो क़ारी को बाँधे रखती है- मसलन ग़म की बारात ले गए होते जाने वाले चले गए तन्हा मुझको भी साथ ले गए होते शब हुई झिलमिला गए जुगनू सुन के मेरे तबादले की ख़बर उसकी आँखों में आ गए आँसू रिवायत से हटकर किसी नई सिंफ़ में तजरुबा करना और उसे मक़बूल ए ख़ास ओ आम बनाना बच्चों का खेल नहीं है।
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