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टीमटाम meaning in Hindi

pronunciation: [ timetaam ]
टीमटाम meaning in English

Examples

  1. शांति मेहरोत्रा का एक और दिन आज की बाहरी तड़क-भड़क और टीमटाम की जिंदगी में एक संवेदनशील और कलात्मक रुझानवाली स्त्री के जीवन की विडंबना को पेश करता है।
  2. आप या जो भी वरदेखुआ सादी ब्याह के लिए जाएगा , वह जमीन-जायदाद से तो ब्याह करेगा नहीं, करेगा लड़के से और अगर वही खोटा है तो दुनिया भर का टीमटाम किस काम का?
  3. सोने की अंगुठी सी सुशीला , घसिहर ‘ कुश ' से गुछू न. ..... उसके बाद तो टीमटाम से विवाह हुआ - विवाह में जा रही सफ़ेद अम्बेस्डर पर पीला-गुलाबी कागज चिपका था ...
  4. बारिश का मौसम है… खुले में इ सब टीमटाम फुक जायेगा… झोपड़ी में लगा नही सकते… मकड़ी के जाले दिन भर सरल आवर्त गति करते हुए झूमते हैं…बैंक अकाउंट में 17 रूपये पड़े हैं।
  5. युवा निर्देशक प्रवीण कुमार गुंजन ने ‘ समझौता ' की नाट्य प्रस्तुति में बाहरी टीमटाम के बजाय अभिनेता को केंद्रीय महत्व दिया है और संगीत , प्रकाश तथा कोरस के उपयोग में भी संयम बरतने की कोशिश की है।
  6. काफी समय के पश्चात लोगों ने शांतिपूर्वक किसी विवाह में जयमाल , फेरे, कंगना आदि कार्यक्रम जिनके लिए इतना बड़ा टीमटाम और आयोजन किया जाता है वह तो व्यर्थ के आडंबरों के बींच जल्दबाजी में पंडित पर ही छोड़कर संतोष कर लिया जाता है।
  7. हाल फिलहाल में इलेक्ट्रानिक मीडिया की चटपटी खबरों का टीमटाम देखकर हमारे देश की ऊबायी दूर हो जाती है , वरना बताइये ना ऐसा क्या हो रहा है जो पिछले साठ सालों में हमें उन किसी एक समस्या से निजात दिलाता हो जिससे जनता त्रस्त रही हो .
  8. किसी भी चीज के चरित्र को संक्षेप में , सही-सटीक तरीके से समझने के लिए , ऊपरी टीमटाम और लप्पे-टप्पे को भेदकर उसके अन्दर की सच्चाई को जानने का सबसे उचित-सटीक तरीका यह होता है कि हम उस चीज के जन्म , विकास और आचरण की ऐतिहासिक प्रक्रिया की पड़ताल करें।
  9. इनके उस्ताद और खलीफा होते हैं , दंगल उस्तादों के नाम से होते हैं ; इनकी हारी-बीमारी , चोट-चपेट के लिए दवाएं हैं , शक्तिदाता जड़ी-बूटियां हैं , पालने और लड़ाने के नियम है , पोथियां हैं- यानी कि वह सब टीमटाम है जो मनुष्य के शौक और सट्टे के सिद्धान्तों का समन्वय करती है।
  10. भले ही मामला फैशन करने का हो , खामखा शापिंग करने का हो , घर में सजावट का टीमटाम जुटाने पर खर्च का हो , सैर सपाटा या आए दिन घर से बाहर लंच ड़िनर खाने का हो या भोग विलास करने का मामला हो , हर मामले में यदि शुरू से ही सामान्य ढ़ग से चला जाए तो वह हमेशा निभाया जा सकता है।
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