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चिमगादड़ meaning in Hindi

pronunciation: [ chimegaaaded ]
चिमगादड़ meaning in English

Examples

  1. फिर हल्की सी मुस्कान के साथ बोली- “कहां बिठलाऊं माट्साब तुम्हें अब ? चिमगादड़ के मेहमान बने हो तो उलटा ही लटकना होगा, है कि नहीं?” मैं अचकचाया ...
  2. फिर हल्की सी मुस्कान के साथ बोली- “ कहां बिठलाऊं माट्साब तुम्हें अब ? चिमगादड़ के मेहमान बने हो तो उलटा ही लटकना होगा , है कि नहीं ? ” मैं अचकचाया ...
  3. फिर हल्की सी मुस्कान के साथ बोली- “ कहां बिठलाऊं माट्साब तुम्हें अब ? चिमगादड़ के मेहमान बने हो तो उलटा ही लटकना होगा , है कि नहीं ? ” मैं अचकचाया ...
  4. माँ और बाबूजी , उनका छोटा-सा कस्बा, उसका पुराना स्कूल, जहाँ प्रकृति-विज्ञान के कमरे में भूसे से भरे उल्लू और चिमगादड़ रखे रहते, घास-पत्तियों से भरा तालाब, जिसमें नाव चलाने का उसे शौक था और उनके बाग में हरी पत्तियों और डालियों से घिरा 'ग्रीष्म-गृह' ।
  5. इनमें से एक प्रयोग बड़ा ही कौतुहलोत्पादक तथा आश्चर्यजनक है कि जिस बच्चे को जमोखे सूखा की बीमारी हो गई हो यदि उसके सामने चिमगादड़ को चीर कर के लाया जावे तो एक दो मास का बालक चिमगादड़ को पकड़ कर के उसका खून चूस लेगा और बीमारी जाती रहेगी ।
  6. इनमें से एक प्रयोग बड़ा ही कौतुहलोत्पादक तथा आश्चर्यजनक है कि जिस बच्चे को जमोखे सूखा की बीमारी हो गई हो यदि उसके सामने चिमगादड़ को चीर कर के लाया जावे तो एक दो मास का बालक चिमगादड़ को पकड़ कर के उसका खून चूस लेगा और बीमारी जाती रहेगी ।
  7. हो-हो-हो अपने लीडर की रसिकता से अभिभूत जत्था आगे भागने लगा देर तक मोड़ से उनकी पतली बचकानी आवाजें कंकरियों की तरह उछल-उछल कर आती रहीं - ' चिमगादड़ ! चिमगादड़ ! ” मारी ने पाया कि उससे हाथ से कपड़ों का गट्ठर न जाने कब फ़र्श पर गिर पड़ा है।
  8. हो-हो-हो अपने लीडर की रसिकता से अभिभूत जत्था आगे भागने लगा देर तक मोड़ से उनकी पतली बचकानी आवाजें कंकरियों की तरह उछल-उछल कर आती रहीं - ' चिमगादड़ ! चिमगादड़ ! ” मारी ने पाया कि उससे हाथ से कपड़ों का गट्ठर न जाने कब फ़र्श पर गिर पड़ा है।
  9. हो-हो-हो अपने लीडर की रसिकता से अभिभूत जत्था आगे भागने लगा देर तक मोड़ से उनकी पतली बचकानी आवाजें कंकरियों की तरह उछल-उछल कर आती रहीं - ' चिमगादड़ ! चिमगादड़ ! ” मारी ने पाया कि उससे हाथ से कपड़ों का गट्ठर न जाने कब फ़र्श पर गिर पड़ा है।
  10. हो-हो-हो अपने लीडर की रसिकता से अभिभूत जत्था आगे भागने लगा देर तक मोड़ से उनकी पतली बचकानी आवाजें कंकरियों की तरह उछल-उछल कर आती रहीं - ' चिमगादड़ ! चिमगादड़ ! ” मारी ने पाया कि उससे हाथ से कपड़ों का गट्ठर न जाने कब फ़र्श पर गिर पड़ा है।
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