गुपाल meaning in Hindi
pronunciation: [ gaupaal ]
Examples
- नाचते-नाचते जब हृदय बेचैन हो जाय , मन थक जाय और बोल पड़े , अब मैं नाच्यो बहुत गुपाल तो समझो काम बन गया।
- अब तो एक मुहावरे में ही रह गया : सतू मुक़ ( ख़तम हो ) जाने या सतू विक जाने : ठन ठन गुपाल हो जाना .
- ऐसे समय में सूरदास का एक पद याद आता है - ' अब मैं नाच्यो बहुत गुपाल ' ! यहां देहवाद का ' संपूर्ण रूपक ' है ! पठनीय है !
- छोड़ गये सूरदास की व्याकुल वेदना , जो उन्होंने , मेरे इस नये मित्र के अनुसार , 66 2 / 3 वर्ष की अवस्था में अनुभव की थी- अब मैं नाच्यो बहुत गुपाल !
- कहां से शुरू करूं चाचाजी पर लिखना ? क्या यह कि गोवर्धन के पास के एक छोटे से गांव में जन्मा यह 'गुपाल' किस तरह मथुरा, मथुरा से बाबू गुलाबराय के पास आगरा और जैनेन्द्रजी के आमंत्रण पर आगरा से दिल्ली पहुंचा।
- नाचत रावरो लाला गुपाल सो काल सौ ब्याल-कपाल के ऊपर॥ balloon title = “ सुजान रसखान , 201 ” style = color : blue > * / balloon > * कुवलया-वध का वीरसपूर्ण वर्णन भी ओजस्वी शब्दों में किया गया है- कंस के क्रोध की फैलि रही सिगरे ब्रजमंडन मांझ फुकार सी।
- मेरे मित्र ने बताया था कि जब सूरदास ने यही अवस्था पार की थी , तभी उन्होंने वह प्रसिद्ध पद लिखा था जिसमें कहा गया है कि ‘ अब मैं नाच्यो बहुत गुपाल ! ' प्रमाण ? प्रमाण यही था कि ठीक आज ही , जब वे चान्द्र गणना के अनुसार 66 2 / 3 साल पूरे कर चुके हैं , इसी प्रकार के भाव उनके मन में आये हैं ! मेरा मन सनाका खा गया था।