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उलफत meaning in Hindi

pronunciation: [ uleft ]
उलफत meaning in English

Examples

  1. उलफत के वादों को तुमने निभाया ही नही , और कहते हो की तेरा ज़िक्र आया ही नही , गैरों का दामन थामते रहे ज़िंदगी भर , और शिकायत है कि तुमने अपनाया ही नही .
  2. तभी अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ हमरी , तुमरी , बतियां , छतियां , नजरिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल इन गीतकारों ने बेजोड़ तरीके से किया।
  3. तभी अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ हमरी , तुमरी , बतियां , छतियां , नजरिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल इन गीतकारों ने बेजोड़ तरीके से किया।
  4. निगाहे बस तुम्हे ही ढूंढती रहती है और लम्हा रुख-ए-रोशन दिखा दो इनकी फरमाईश अभी तक है अज़ल से तुम को चाहा है अबाद तक तुम को चाहेंग़े मेरी उलफत की बस इतनी सी पैमाईश अभी तक है।
  5. मेरे टूटे हुए दिल से , कोइ तो आज ये पूछे के तेरा हाल क्या है किस्मत तेरी रीत निराली, ओ छलिये को छालानेवाली फूल खिला तो टूटी डाली जिसे उलफत समाज बैठा, मेरी नज़रों का धोखा था किसी की …
  6. एक तुम ही नहीं तनहा , उलफत में मेरी रुसवा तुम जैसे तो दुनिया में दीवाने हजारों हैं भावार्थ - शायर यह कहना चाह रहा है कि अकेले पीएम ही नहीं , कलमाड़ी जी के चक्कर में पड़कर बहुत से रुसवा हो गए।
  7. एक तुम ही नहीं तनहा , उलफत में मेरी रुसवा तुम जैसे तो दुनिया में दीवाने हजारों हैं भावार्थ - शायर यह कहना चाह रहा है कि अकेले पीएम ही नहीं , कलमाड़ी जी के चक्कर में पड़कर बहुत से रुसवा हो गए।
  8. गीत लिखते समय दूरस्थ अंचलों में बसने वाले लोगों को भी ध्यान में रखकर अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ बतियां , छतियां , नजरिया , हमरी , तुमरी जैसे शब्दों का बेजोड़ तरीके से इस्तेमाल किया गया।
  9. गीत लिखते समय दूरस्थ अंचलों में बसने वाले लोगों को भी ध्यान में रखकर अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ बतियां , छतियां , नजरिया , हमरी , तुमरी जैसे शब्दों का बेजोड़ तरीके से इस्तेमाल किया गया।
  10. उलफत कभी न होगी कम बस इक खलिस ह्रदय में सनम अंतिम ख्वाहिश मान के जिगर में न रखना रंज पहले रुकसत होंगे जहान से हम सुहागन रूप में ही निकले दम ना रहे खाली हाथ करतल पे लगा देना मेहंदी यह जन्म न मिलेगा बार बार . - शशि पुरवार
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