उपपुराण meaning in Hindi
pronunciation: [ upepuraan ]
Examples
- अत : सौरपुराण के साथ उनको एकरूप कहना गलत है, कदाचित् ये उपपुराण होने पर भी संप्रति उपलब्ध नहीं है, एवं प्राचीन प्रामाणिक ग्रंथों में इनका उल्लेख नहीं है।
- विविध प्रकार से समीक्षा करने पर अंतत : यही प्रतीत होता है कि श्रीमद्भागवत को ही पुराण मानना चाहिए तथा देवीभागवत को उपपुराण की कोटि में रखना उचित है।
- विविध प्रकार से समीक्षा करने पर अंतत : यही प्रतीत होता है कि श्रीमद्भागवत को ही पुराण मानना चाहिए तथा देवीभागवत को उपपुराण की कोटि में रखना उचित है।
- कुछ लोगों का कहना है कि वायुपुराण ही शिवपुराण है क्योंकि आजकल जो शिवपुराण नामक पुराण या उपपुराण है उसकी श्लोक संख्या २४ , ००० नहीं है, केवल ७,००० ही है ।
- समान्यत जो पुराण केवल पंचलक्षणात्मक एवं महापुराणों से विषयों के विन्यास तथा देवीदेवताओं के वर्णन में छोटे होते हैं , परंतु उनसे कथा विशेष में समानता रखते हैं वे 'उपपुराण' कहे जाते हैं।
- इस पुराण में अध्याय 69 तथा श्लोक संख्या 3 , 799 है, सौरपुराण अपने को ब्रह्मांडपुराण का “खिल” अर्थात् उपपुराण कहता है एवं सनत्कुमारसंहिता और सौरीसंहिता रूप दो भेदों से युक्त मानता है (9* 13-14)।
- इस पुराण में अध्याय 69 तथा श्लोक संख्या 3 , 799 है, सौरपुराण अपने को ब्रह्मांडपुराण का “खिल” अर्थात् उपपुराण कहता है एवं सनत्कुमारसंहिता और सौरीसंहिता रूप दो भेदों से युक्त मानता है (9* 13-14)।
- अतः एक ओर तोपुराणों की संख्या अधिक हो गई जिनमें १८ महापुराण १८ उपपुराण और कितने हीलघुपुराण शामिल हैं और दूसरी ओर अन्य मतों के विद्वानों द्वारा उन्हें केवलकाल्पनिक , मनघड़न्त तथा निराधार माना जाने लगा.
- वेद-से उपनिषदों तक संस्कृति की यात्रा को पूरा न मानकर वेद-उपनिषद सूत्रग्रंथ , स्मृति , पुराण , उपपुराण , निबंध , ग्रंथों के रूप में ग्रंथों की पहचान करना एवं उनके क्षेत्रीय स्वरूप को समझना।
- वेद-से उपनिषदों तक संस्कृति की यात्रा को पूरा न मानकर वेद-उपनिषद सूत्रग्रंथ , स्मृति , पुराण , उपपुराण , निबंध , ग्रंथों के रूप में ग्रंथों की पहचान करना एवं उनके क्षेत्रीय स्वरूप को समझना।