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ईति meaning in Hindi

pronunciation: [ eeti ]
ईति meaning in English

Examples

  1. भविष्य से आशा और भारतीया वांग्मय से , ममता का अमर - सन्देशा ! सूरदास जी व सरदार कल्याण सिन्घजी दोनो ही हमारे लिये सेतु रच गये है .... . रास्ता आगे हमे चलते चलते पार करना है ! ईति शुभम
  2. भविष्य से आशा और भारतीया वांग्मय से , ममता का अमर - सन्देशा ! सूरदास जी व सरदार कल्याण सिन्घजी दोनो ही हमारे लिये सेतु रच गये है .... . रास्ता आगे हमे चलते चलते पार करना है ! ईति शुभम
  3. भविष्य से आशा और भारतीया वांग्मय से , ममता का अमर - सन्देशा ! सूरदास जी व सरदार कल्याण सिन्घजी दोनो ही हमारे लिये सेतु रच गये है .... . रास्ता आगे हमे चलते चलते पार करना है ! ईति शुभम
  4. बढ़ियाये गाँवों को लीलावती हॉस्पिटल को संसार में सब ओर - जहाँ भी युद्ध है , मृत्यु है , विनाश है ईति है , भीति है , ध्वंस है , उपास है - इस प्रात मैं बाँटता हूँ कि आज रात मुझे नींद आये मेरा स्वार्थ ही मेरी प्रार्थना है।
  5. गाजियाबाद से श्री अरूण चन्द्र रॉय ने भरोसा दिलाया है कि वे इस लेखमाला को पुस्तक के रूप में अवश्य प्रकाशित करेंगे . ( “ ज्योतिपर्व ” प्रकाशन नाम से वे एक प्रकाशन संस्थान की शुरूआत करने जा रहे हैं . ) सम्भवतः नवम्बर तक बात बन जा य. .. ईति .
  6. गाजियाबाद से श्री अरूण चन्द्र रॉय ने भरोसा दिलाया है कि वे इस लेखमाला को पुस्तक के रूप में अवश्य प्रकाशित करेंगे . ( “ ज्योतिपर्व ” प्रकाशन नाम से वे एक प्रकाशन संस्थान की शुरूआत करने जा रहे हैं . ) सम्भवतः नवम्बर तक बात बन जा य. .. ईति .
  7. मेरा मानना है कि स्वतंत्र भारत की नियति तय करने में गाँधीजी के कुछ फैसलों ने अहम् भूमिका निभायी है और इन फैसलों का कितना नफा या नुकसान हमारे देश को उठाना पड़ा है- इसका आकलन हम आज नहीं कर सकते ; बल्कि आने वाली दो-एक शताब्दी के बाद क्षमाहीन और निर्मम “ काल ” इसका आकलन करेगा ! ( अध्याय ' गाँधी-नेहरू और सुभाष ' में यह मैंने विचार रखा है . ) ईति .
  8. भावार्थ : - जैसे ईति के भय से दुःखी हुई और तीनों ( आध्यात्मिक , आधिदैविक और आधिभौतिक ) तापों तथा क्रूर ग्रहों और महामारियों से पीड़ित प्रजा किसी उत्तम देश और उत्तम राज्य में जाकर सुखी हो जाए , भरतजी की गति ( दशा ) ठीक उसी प्रकार हो रही है॥ 2 ॥ ( अधिक जल बरसना , न बरसना , चूहों का उत्पात , टिड्डियाँ , तोते और दूसरे राजा की चढ़ाई- खेतों में बाधा देने वाले इन छह उपद्रवों को ' ईति ' कहते हैं ) ।
  9. भावार्थ : - जैसे ईति के भय से दुःखी हुई और तीनों ( आध्यात्मिक , आधिदैविक और आधिभौतिक ) तापों तथा क्रूर ग्रहों और महामारियों से पीड़ित प्रजा किसी उत्तम देश और उत्तम राज्य में जाकर सुखी हो जाए , भरतजी की गति ( दशा ) ठीक उसी प्रकार हो रही है॥ 2 ॥ ( अधिक जल बरसना , न बरसना , चूहों का उत्पात , टिड्डियाँ , तोते और दूसरे राजा की चढ़ाई- खेतों में बाधा देने वाले इन छह उपद्रवों को ' ईति ' कहते हैं ) ।
  10. भावार्थ : - जैसे ईति के भय से दुःखी हुई और तीनों ( आध्यात्मिक , आधिदैविक और आधिभौतिक ) तापों तथा क्रूर ग्रहों और महामारियों से पीड़ित प्रजा किसी उत्तम देश और उत्तम राज्य में जाकर सुखी हो जाए , भरतजी की गति ( दशा ) ठीक उसी प्रकार हो रही है॥ 2 ॥ ( अधिक जल बरसना , न बरसना , चूहों का उत्पात , टिड्डियाँ , तोते और दूसरे राजा की चढ़ाई- खेतों में बाधा देने वाले इन छह उपद्रवों को ' ईति ' कहते हैं ) ।
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