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असामर्थ्य meaning in Hindi

pronunciation: [ asaamerthey ]
असामर्थ्य meaning in English

Examples

  1. आपने अपनी बहस में शक्ति सामर्थ्य और असामर्थ्य के दो बिंदु सामने रखे है पर इनसे संबद्ध / उदभूत गौरव अथवा विशिष्ट परवाह की अनुभूति को क्या प्रेम की श्रेणी में गिना जा सकेगा ?
  2. जीएच ( GH) से अकसर उपचार किये जाने वाले छोटे कद के अन्य कारणों के उदाहरण हैं, टर्नर रोगसमूह, गुर्दों का दीर्घकालिक असामर्थ्य, प्रैडर-विल्ली रोगसमूह, अंतर्गर्भाशय विकास मंदता, और तीव्र अनजान कारणों से हुआ छोटा कद.
  3. सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के 53 % विभिन्न समुदायों के हितों की सेवा करते हैं , इनमें शामिल हैं : मूल और नस्ली समूह , छपाई असामर्थ्य वाले लोग , तथा पुरुष व महिला समलैंगिक समुदा य.
  4. आज के क्लांत , कातर समय में कितने नरोत्तम होंगे, भाषाई असामर्थ्य के तीखे विषधर बाणों से घायल दर्शकगण के बीच भी , जो ऐसी निस्संग निर्ममता में स्वयं के राष्ट्र के प्रति कुकृत्य को परिमार्जना में परिभाषित करेंगे?
  5. मैं भी भारत की आब-हवा में पला हूँ , इसीलिए जोर के साथ इस बात को कल्पना में लाने की हिम्मत न कर सका कि करोड़ों जनसाधारण की छाती पर से अशिक्षा और असामर्थ्य का पहाड़ उतारना संभव है।
  6. जीएच ( GH) का प्रयोग प्रायौगिक रूप से मल्टीपल स्क्लेरोसिस का उपचार करने के लिये, मोटापे में वजन की कमी को बढ़ाने, फाइब्रोमयाल्जिया, हृदय की असामर्थ्य, क्रान के रोग और वृणयुक्त बृहदांत्रशोथ और जलने के उपचार के लिये भी किया गया है.
  7. उसे वे ही समझ सकते हैं , जो कभी वासना से उत्पन्न हुए पापकर्म के किनारे तक पहुँचकर लौट आये हैं-किसी बाह्य रुकावट या नियम या असामर्थ्य या डर से नहीं , एक आन्तरिक , स्वतः उत्पन्न ग्लानि के कारण ... ।
  8. अशक्ति ( असामर्थ्य ) , आपत्तियाँ , खाने-पीने आदि की तृष्णा , मूकता , ( बोल न सकना ) , मूढ़बुद्धिता ( जान न सकना ) , क्रीडा , कौतुक आदि के विषय में अभिलाषा करना , न मिलने पर दीन-हीन बन जाना और चंचलता - ये सब बाल्यावस्था में ही होते हैं।।
  9. बाल्यावस्था अतिमूर्खता , असामर्थ्य और परतन्त्रता आदि से दुःखपूर्ण भले ही हो , पर यौवन अवस्था में ये बातें नहीं है , उसमें नानाभोग भोगने से उत्पन्न आनन्द ही आनन्द रहता है , इसलिए वह सुख की कारण है , ऐसी शंका करके यौवन की अत्यन्त अनर्थकारिता का वर्णन करने के लिए कहते हैं।
  10. बाल्यावस्था अतिमूर्खता , असामर्थ्य और परतन्त्रता आदि से दुःखपूर्ण भले ही हो , पर यौवन अवस्था में ये बातें नहीं है , उसमें नानाभोग भोगने से उत्पन्न आनन्द ही आनन्द रहता है , इसलिए वह सुख की कारण है , ऐसी शंका करके यौवन की अत्यन्त अनर्थकारिता का वर्णन करने के लिए कहते हैं।
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