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अति विस्तृत meaning in Hindi

pronunciation: [ ati visetrit ]
अति विस्तृत meaning in English

Examples

  1. तिमूर की यह जीवनी , भाटनिर ( जो आजकल राजस्थान के गंगानगर जिले का हनुमान गढ़ है ) को मूर्ति पूजा से सुरक्षित करने के विषय में एक अति विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है।
  2. प्रतिनिधिमण्डल ने भारत में उपभोक्ता माल से लेकर भारी इंजीनियरी उत्पादों तक केऔद्योगिक उत्पादों की अति विस्तृत श्रंखला दर्शाने वाली अनेक फैक्टरियो का दौरा कियाऔर ईरान के वाणिज्य मंत्री भी मई , १९८४ में भारत आये.
  3. और इस अति विस्तृत कंपनी का हिस्सा बन कर मार्वेल कॉमिक्स अब कैसी ऊँचाइयाँ छुयेगी ये तो आनेवाला समय ही बताएगा पर फिलहाल इस ख़बर से मीडिया जगत के बड़े बड़े दिग्गजों की नींदें उड़ गई हैं।
  4. और इस अति विस्तृत कंपनी का हिस्सा बन कर मार्वेल कॉमिक्स अब कैसी ऊँचाइयाँ छुयेगी ये तो आनेवाला समय ही बताएगा पर फिलहाल इस ख़बर से मीडिया जगत के बड़े बड़े दिग्गजों की नींदें उड़ गई हैं।
  5. और इस अति विस्तृत कंपनी का हिस्सा बन कर मार्वेल कॉमिक्स अब कैसी ऊँचाइयाँ छुयेगी ये तो आनेवाला समय ही बताएगा पर फिलहाल इस ख़बर से मीडिया जगत के बड़े बड़े दिग्गजों की नींदें उड़ गई हैं।
  6. कहने सुनने में यह शब्द मामूली सा लगता है और सामान्यतः नागरिक कर्त्तव्य का पालन , शिष्टाचार , सद्व्यवहार की सीमा तक पहुँचकर बात पूरी हो गई दीखती है , पर वस्तुतः इस तत्त्व ज्ञान की सीमा अति विस्तृत है।
  7. 5-इंच के माध्यम से / 200 एक दूसरा फास्ट छवि हस्तांतरण एलसीडी मॉनिटर अति विस्तृत स्पष्ट छवि पूर्वावलोकन और सेटिंग्स और जानकारी के लिए आसान पहुँच के लिए 170 डिग्री कोण को देखने के साथ, स्लाइड शो समारोह (मानक या
  8. वे लिखते हैं कि कहने- सुनने में ये शब्द मामूली से लगते हैं और सामान्यतः नागरिक कर्त्तव्यों का पालन , शिष्टाचार- सद्व्यवहार की सीमा तक पहुँचकर बात पूरी हो गई दीखती है , पर वस्तुतः इस तत्त्वज्ञान की सीमा अति विस्तृत है।
  9. इस प्रकार अति विस्तृत कार्यक्षेत्र मिल जाने से प्रत्येक राष्ट्र अपनी मौलिक सभ्यता , संस्कृति को लेकर उभर रहा है तथा इस सभ्यता और संस्कृति के साथ अपने राष्ट्र की भाषा को अभिव्यक्ति का माध्यम बना , अपनी एक मुकम्मल पहचान की फिराक़ में लगा है।
  10. वेद-शास्त्रों द्वारा और महापुरुषों के शुभ आचार से अति विस्तृत विविध देश धर्मों द्वारा समर्थित जो चित्तशुद्धिरूप और ज्ञानरूप अति प्रसिद्ध फल है , उसकी हृदय में अति उत्कट अभिलाषा होने पर उसको प्राप्त करने की इच्छा से चित्त में क्रिया होती है , उसके अनन्तर इन्द्रिय , हाथ , पैर आदि में क्रिया होती है , तब पुरुष श्रवण , मनन आदि करता है , इसी को पौरुष कहते हैं।
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