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साम्प्रतिक meaning in Hindi

pronunciation: [ saamepretik ]
साम्प्रतिक meaning in English

Examples

  1. ' यह भी कहा जाता है कि कई साम्प्रतिक कहानीकारों की भाषा, बोध, विषय-~ वस्तु अथवाएटिच्यूड इतनी शारीरिक वस्तु है अर्थात् इनमें निजपन का अहसास प्रथम स्तर पर है.
  2. पिछले संग्रहों की अपेक्षा आलोच्य संग्रह में वे सांस्कृतिक एवं जीवन मूल्यों को उसके यथार्थ एवं साम्प्रतिक जटिल संघर्षों के बीच तटस्थ मूल्याँकन की भाषा में रखते हैं ।
  3. पिछले संग्रहों की अपेक्षा आलोच्य संग्रह में वे सांस्कृतिक एवं जीवन मूल्यों को उसके यथार्थ एवं साम्प्रतिक जटिल संघर्षों के बीच तटस्थ मूल्याँकन की भाषा में रखते हैं ।
  4. इसीलिए याजनादि अगतिक गति और आपद्धर्म कहलाते हैं जिनका वाडवों ( ब्राह्मणों ) ने साम्प्रतिक पश्चिम , त्यागी , महियाल , भूमिहार ब्राह्मणों की तरह सर्वथा परित्याग या निरादर किया था।
  5. इस साइट को प्रारम्भ करने का उद्देश्य साहित्य . संस्कृति . कला . विज्ञान और अन्यान्य विधाओं के साम्प्रतिक रूप से पाठकों को अवगत कराना ही नही अपितु उनकी साझेदारी भी सुनिश्चित कराना है ।
  6. साम्प्रतिक भारतीय कहानियों में नारी विमर्श को नए रूप से पेश करने में कुशल कारीगर सरोजिनी साहू की लाजवाब कहानी ' चौखट' . छोटे छोटे पलों में जी रहा जीवन, संवेदनाओं से साक्षातकार करवाती यह कहानी मन मोह लेती है.
  7. ओडिशा के सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक सम्मान ' शारला पुरस्कार ' से सम्मानित लेखक के कहानी-संग्रह ' सुना इलिशी ' में शीर्षक कहानी के रूप में प्रकाशित इस कहानी में साम्प्रतिक मानव मन के दोहरेपन को उजागर किया गया है .
  8. दोनों साक्षात्कारकर्ता अमेरिकी विश्विद्यालयों में साहित्य के अध्यापन से जुडी हुई हैं : रश्मि भटनागर पित्त्सबर्ग विश्विद्यालय के मानविकी केन्द्र में विजिटिंग फेलो हैं तथा राजेंदर कौर साऊथ एशियन लिटरेरी एसोसियेशन की साम्प्रतिक अध्यक्ष और विलियम पिटरसन विश्विद्यालय के अंग्रेजी विभाग में सहायक अध्यापक हैं .
  9. हम कहना यह चाहते हैं कि आप यदि ठोस उदाहरणों से यह बता पाते कि हम मज़दूर आन्दोलन की साम्प्रतिक आवश्यकताओं से बेमेल सामग्री किस रूप में दे रहे हैं , तब शायद आपकी ठोस आलोचना हमें ” सुधरने ” में कोई ठोस भूमिका भी निभा पाती।
  10. ज्ञानार्णव को तरंगित करने हेतु ग्रन्थालय पारम्परिक एवम् समसामयिक अध्ययन को सेतुबद्ध करने हेतु संगोष्ठियाँ अन्तस् की दृष्टियों को शब्दब्रह्म में परिणत करने हेतु व्याख्यानों का शुभारम्भ , वैदिक वाङ्मय, साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष, दर्शन, पुराणेतिहास, शिक्षा आदि के सन्दर्भों में साम्प्रतिक ज्ञान-विज्ञान को बाँधने और बेधने लगा है।
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