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शिवप्रिय meaning in Hindi

pronunciation: [ shivepriy ]
शिवप्रिय meaning in English

Examples

  1. सावन का मतवाला मौसम और गूँजते कजरी के बोल- एक ओर काशी ‘ हर हर महादेव ' के महोच्चार से शिवप्रिय सावन के अभिनन्दन को उत्सुक है तो दूसरी ओर बनारस सावन के स्वागत में कजरी की धुन पर थिरकने को अधीर।
  2. साहित्य के अध्येता शिवप्रिय के प्रश्न के उत्तर में डा . नाग ने कहा कि कंप्यूटर की गणनाओं पर आधारित आज की आक्रात्मक सूचनाओं और प्राचीन काल के भारतीय मनीषियों द्वारा ईजाद की गई गणना पद्धतियों में अद्भुत समानता देखी जा सकती है।
  3. रुद्राक्ष के चमत्कारी महारह्स्य भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष में स्वयं शिव का अंश होता है , रुद्राक्ष को शिवाक्ष , शर्वाक्ष , भावाक्ष , फलाक्ष , भूतनाशन , पावन , हराक्ष , नीलकंठ , तृणमेरु , शिवप्रिय , अमर और पुष्पचामर भी कहते हैं , आयुर्वेद के ग्रंथों में भी रुद्राक्ष की महामहिमा का वर्णन है , आयुर्वेदिक ग्रंथों में रुद्राक्ष को महौषधि , दिव्य औषधि आदि कह कर इसक ...
  4. रुद्राक्ष के चमत्कारी महारह्स्य भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष में स्वयं शिव का अंश होता है , रुद्राक्ष को शिवाक्ष , शर्वाक्ष , भावाक्ष , फलाक्ष , भूतनाशन , पावन , हराक्ष , नीलकंठ , तृणमेरु , शिवप्रिय , अमर और पुष्पचामर भी कहते हैं , आयुर्वेद के ग्रंथों में भी रुद्राक्ष की महामहिमा का वर्णन है , आयुर्वेदिक ग्रंथों में रुद्राक्ष को महौषधि , दिव्य औषधि आदि कह कर इसक ...
  5. भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष में स्वयं शिव का अंश होता है , रुद्राक्ष को शिवाक्ष , शर्वाक्ष , भावाक्ष , फलाक्ष , भूतनाशन , पावन , हराक्ष , नीलकंठ , तृणमेरु , शिवप्रिय , अमर और पुष्पचामर भी कहते हैं , आयुर्वेद के ग्रंथों में भी रुद्राक्ष की महामहिमा का वर्णन है , आयुर्वेदिक ग्रंथों में रुद्राक्ष को महौषधि , दिव्य औषधि आदि कह कर इसके दिव्य गुणों को विस्तार से बताया गया है , रुद्राक्ष की जड़ , छाल , फल , बीज और फूल सबमें औषधीय व दैवीय गुण छिपे हुये है .
  6. भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष में स्वयं शिव का अंश होता है , रुद्राक्ष को शिवाक्ष , शर्वाक्ष , भावाक्ष , फलाक्ष , भूतनाशन , पावन , हराक्ष , नीलकंठ , तृणमेरु , शिवप्रिय , अमर और पुष्पचामर भी कहते हैं , आयुर्वेद के ग्रंथों में भी रुद्राक्ष की महामहिमा का वर्णन है , आयुर्वेदिक ग्रंथों में रुद्राक्ष को महौषधि , दिव्य औषधि आदि कह कर इसके दिव्य गुणों को विस्तार से बताया गया है , रुद्राक्ष की जड़ , छाल , फल , बीज और फूल सबमें औषधीय व दैवीय गुण छिपे हुये है .
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