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विहँसता meaning in Hindi

pronunciation: [ vihensetaa ]
विहँसता meaning in English

Examples

  1. रंग और ऋतुओं का आवर्तन , रागदीप्त सुब्हो-शाम , प्राणों में विहँसता सूर्य , चौड़ी हवाएं , नीले दरिया-सा बरसता आसमान , हरि बोल-सा प्रातः रव , हल्की मीठी चा-सा दिन।
  2. सब से नेह बढ़ाऊँ मैं खुले व्योम के उस कोने में अपनी मंज़िल पाऊँ मैं | पंख लगा अपनी बाँहों में एक परी बन जाऊँ मैं उनको सदा विहँसता देखूँ सारे सुख पा जाऊँ मैं |आशा
  3. बात के सब बदल गए है अंदाज अब कोई बीते ख्वाबों में रहता है कब ? रात रोटी रही दिन विहँसता रहाचाँद-तारे वंही, मन खिसकता रहा मन की बातें सभी मन में घुलती रही आज तुम हो कंही, और मैं हूँ कंही . .
  4. बात के सब बदल गए है अंदाज अब कोई बीते ख्वाबों में रहता है कब ? रात रोटी रही दिन विहँसता रहाचाँद-तारे वंही, मन खिसकता रहा मन की बातें सभी मन में घुलती रही आज तुम हो कंही, और मैं हूँ कंही . .
  5. बात के सब बदल गए है अंदाज अब कोई बीते ख्वाबों में रहता है कब ? रात रोटी रही दिन विहँसता रहा चाँद-तारे वंही, मन खिसकता रहा मन की बातें सभी मन में घुलती रही आज तुम हो कंही, और मैं हूँ कंही . .
  6. बात के सब बदल गए है अंदाज अब कोई बीते ख्वाबों में रहता है कब ? रात रोटी रही दिन विहँसता रहाचाँद-तारे वंही , मन खिसकता रहा मन की बातें सभी मन में घुलती रही आज तुम हो कंही , और मैं हूँ कंही . .
  7. यह बुद्धिमत्ता की परीक्षा इस प्रकार होती है कि चारों ओर पाप , प्रलोभन , स्वार्थ , लोभ , अहंकार एवं वासना , तृष्णा के शस्त्रों से सज्जित शैतान खड़ा रहता है और दूसरी ओर धर्म , कर्तव्य , स्नेह , संयम की मधुर मुस्कान के साथ विहँसता हुआ भगवान्।
  8. तुम्हारा वह चुम्बन जिसमे घुली होती है ईश्वर की आँख झंकृत करती रहती है अनवरत मेरे जीवन के तार उसमे भीगा होता है पूरा का पूरा समुद्र पूनम के चाँद को समेटे नहा लेती हूँ मै अखंड आद्रता चांदनी ओढ़ कर वहां विहँसता है बचपन और घुटनों के बल सरकता है समय अपनी ढेर सारी निर्मल शताब्दियों के साथ सहेज लेती हूँ उसे जैसे सहेजती है मां पृथ्वी की तरह अपनी कोख .
  9. कब से पुकार रही है तेरी माँ ! कौन मेरी आँख बन्द करेगा ! कौन माला की तरह गले में झूल जाएगा ! बेटा , एक बार तो आँख खोल दे ! तेरा विहँसता हुआ मुख देखकर अपने प्राणनाथ के वियोग का सब दुख हँस-हँस झेल गयी ! मेरे आँखों की पुतरी ! तुम एक बेर तो बोल दे मेरे लाल ! सब विद्यार्थी आ गए हैं , पूजा की बेला बीत रही है।
  10. एक सपना जी रही हूँ एक सपना जी रही हूँ पारदर्शी काँच पर से टूट-बिखरे झर रहे कण विहँसता सा खिल रहा है आँख चुँधियाता हर इक क्षण कुछ दिनों का जानकर सुख मधु कलश सा पी रही हूँ एक सपना जी रही हूँ वह अपरिचित स्पर्श जिसने छू लिया था मेरे मन को अनकही बातों ने फिर धीरे से खोली थी गिरह जो और तब से जैसे हाला जाम भर कर पी रही हूँ
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