मार्कण्डेयपुराण meaning in Hindi
pronunciation: [ maareknedeyepuraan ]
Examples
- मार्कण्डेयपुराण में अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व एवं वशित्वये आठ सिद्धियाँ बतलायी गयी है।
- मार्कण्डेयपुराण के अनुसार अणिमा , महिमा , गरिमा , लघिमा , प्राप्ति , प्राकाम्य , ईशित्व और वशित्व ये आठ सिद्धियां हैं।
- मार्कण्डेयपुराण का कहना है कि जिस कुल में श्राद्ध नहीं होता , वहाँ वीर , निरोगी , शतायु पुरूष नहीं जन्म लेते .
- दुर्गा देवी की आराधना अनुष्ठान में महाकाली , महालक्ष्मी और महासरस्वती का पूजन तथा मार्कण्डेयपुराण के अनुसार श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मुख्य अनुष्ठान कर्तव्य है।
- इस कथन की पुष्टि मार्कण्डेयपुराण , वात्स्यायन के कामसूत्र , वाराहमिहिर की वृहत्संहिता तथा कौटिल्य के अर्थशास्त्र आदि ग्रंथों में वर्णित उल्लेखों से भी होती है।
- मार्कण्डेयपुराण [ 380 ] , वायु पुराण [ 381 ] , विष्णुपुराण [ 382 ] एवं अनुशासन पर्व [ 383 ] में भी लम्बी सूचियाँ दी हुई हैं।
- 95अठारह पुराणों की गणना में सातवाँ स्थान है मार्कण्डेयपुराण का . .. आगे...वेदान्त दर्शन हरिकृष्णदास गोयन्दका पृष्ठ 454 मूल्य $ 7.95प्रस्तुत है वेदान्त दर्शन.... आगे...गीता-चिन्तन हनुमानप्रसाद पोद्दार पृष्ठ 614 मूल्य $ 7.95
- अदिति से उत्पन्न होने के कारम सूर्य को आदित्य कहा जाता है , किन्तु मार्कण्डेयपुराण के अनुसार सृष्टि के आदि में उत्पन्न होने के कारण ही सूर्य को आदित्य नाम से संबोधित किया जाता है ।
- मार्कण्डेयपुराण [ 375 ] ने व्यवस्था दी है कि श्राद्ध के लिए उस भूमि को त्याग देना चाहिए जो कि कीट-पतंगों से युक्त , रूक्ष , अग्नि से दग्ध है , जिसमें कर्णकटु ध्वनि होती है , जो कि देखने में भयंकर और दुर्गन्धपूर्ण है।