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भिलावा meaning in Hindi

pronunciation: [ bhilaavaa ]
भिलावा meaning in English

Examples

  1. भिलावाँ या भिलावा या भल्लातक ( वैज्ञानिक नाम : Semecarpus anacardium ; संस्कृत : अग्निमुख) एक वृक्ष है जो भारत के बाहरी हिमालयी क्षेत्र से लेकर कोरोमंडल तट तक पाया जाता है।
  2. अर्जुन के फूल , बायविंडग , जलपीपल , मोम , चंदन , राल , खस , कूठ और भिलावा को बराबर मात्रा में लेकर धूनी देने से मच्छर और कीड़े मर जाते हैं।
  3. इसी के बाद भरुआ सुमेरपुर में जमीन फटने तथा तीन मकानों में अच्छी खासी दरार पड़ने , एक जुलाई को भिलावा मेरापुर में 220 मीटर लम्बी डेढ़ मीटर चैड़ी दो मीटर गहरी भूमि फटने की घटना हुई है , जिससे वहां के निवासियों में दहषत व्याप्त है।
  4. अर्जुन के फल , भिलावा , लाख , श्रीकस , श्वेत , अपराजिता , बायविंडग और गूगल आदि को बराबर मात्रा में पीसकर रख लें , फिर इसे आग में डालकर धूनी देने से घर में छुपे सांप , चूहे , डांस , घुन , मच्छर और खटमल निकलकर भाग जाते हैं।
  5. अर्जुन के फल , भिलावा , लाख , श्रीकस , श्वेत , अपराजिता , बायविंडग और गूगल आदि को बराबर मात्रा में पीसकर रख लें , फिर इसे आग में डालकर धूनी देने से घर में छुपे सांप , चूहे , डांस , घुन , मच्छर और खटमल निकलकर भाग जाते हैं।
  6. भल्लातक । अरुष्कर । भिलावा । इनको एक ही समझना चाहिये । लोध्र । सारवक । धृष्ट । तिरीट । को एक ही समझें । बृहत्फ़ला । महाजम्बु । बालफ़ला । ये एक ही हैं । जलजम्बु । नादेयी । को एक ही समझें । कणा । कृष्णा । उपकुंची । शौण्डी । मागधिका । पिप्पली से कहते हैं ।
  7. तब बाबा ने भिलावा को पीसकर उसके दो गोले बनाये और उन्हें उसकी आँखों पर रखकर ऊपर से पट्टी बांध दी , फिर अगले दिन पट्टी खोलकर आँखों पर ताजे पानी की छींटे मारे | बाबा की इस अद्भुत चिकित्सा से उसकी सूजन मिट गयी और आँखें भी ठीक हो गयीं | इस तरह से बाबा ने अपनी अनोखी चिकित्सा पद्धति से अनेक रोगियों को स्वस्थ किया |
  8. इनमें लोहे को गलाकर शुद्ध करने के लिए विचित्र वस्तुओं के साथ मिलाकर भिन्न लोहे को भिन्न-भिन्न विधियों से गलाने का वर्णन है ; यथा : जंबीरों नीबू , लाल एरंड , इमली , जामुन , घुँघची , आँवला , नौसादर , सज्जीक्षार , यवक्षार , खुरक्षार , हींग , पर्पटी , सुपारी , जटामाँसी , विदरीकंद , पाँच प्रकार के तेल , इंगुदी , मजीठ , कौड़ी , मुनक्का से परिपूर्ण तेल , शंख , भिलावा , काकोली , लाल कुलथी , सरसों , अरहर , गेहूँ के कसाय और कांजियाँ आदि-आदि।
  9. इनमें लोहे को गलाकर शुद्ध करने के लिए विचित्र वस्तुओं के साथ मिलाकर भिन्न लोहे को भिन्न-भिन्न विधियों से गलाने का वर्णन है ; यथा : जंबीरों नीबू , लाल एरंड , इमली , जामुन , घुँघची , आँवला , नौसादर , सज्जीक्षार , यवक्षार , खुरक्षार , हींग , पर्पटी , सुपारी , जटामाँसी , विदरीकंद , पाँच प्रकार के तेल , इंगुदी , मजीठ , कौड़ी , मुनक्का से परिपूर्ण तेल , शंख , भिलावा , काकोली , लाल कुलथी , सरसों , अरहर , गेहूँ के कसाय और कांजियाँ आदि-आदि।
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