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बिछुवा meaning in Hindi

pronunciation: [ bichhuvaa ]
बिछुवा meaning in English

Examples

  1. उन्होंने कहा कि यदि चमारों की बहुऐं बिछुवा पहनेंगीं तो ऊँची जाति के घर की स्त्रियां क्या पहनेंगीं ? ये लोग नितान्त अशिक्षित तथा मूर्ख हैं किन्तु जाति-अभिमान में चूर रहते हैं ।
  2. उन्होंने कहा कि यदि चमारों की बहुऐं बिछुवा पहनेंगीं तो ऊँची जाति के घर की स् त्रियां क्या पहनेंगीं ? ये लोग नितान्त अशिक्षित तथा मूर्ख हैं किन्तु जाति-अभिमान में चूर रहते हैं ।
  3. बबुनी ने बबुनवा से पूछा है - हमरे बिछुवा गोड़ काहें धइल हो ( मेरे बिछुओं पर तुमने अपने पैर क्यों रखे ) ? बबुनवा मुँह फुला पलंग के दूसरे किनारे सरक गया है।
  4. उन्होंने बताया कि जिले के रुद्रपुर , जसपुर , काशीपुर , बाजपुर , गदरपुर , महतोष मोड़ , दिनेशपुर , किच्छा , नारायणपुर , सितारगंज , शक्तिफार्म , बिरिया , मकरसड़ा , पोलीगंज , नानकमत्ता , बलखेड़ा , बिछुवा , सरपुड़ा , जमौर , दाह फार्म व नगला में केंद्र स्थापित किये गये हैं।
  5. उन्होंने बताया कि जिले के रुद्रपुर , जसपुर , काशीपुर , बाजपुर , गदरपुर , महतोष मोड़ , दिनेशपुर , किच्छा , नारायणपुर , सितारगंज , शक्तिफार्म , बिरिया , मकरसड़ा , पोलीगंज , नानकमत्ता , बलखेड़ा , बिछुवा , सरपुड़ा , जमौर , दाह फार्म व नगला में केंद्र स्थापित किये गये हैं।
  6. और अनिष्ट के वही डिस्कंफर्टिंग ' संकेत गीतों के बोल और संगीत में भी- कौन हंसता है फूलों में छिपकर, बहार बेचैन है किसकी धुन पर/घड़ी-घड़ी मेरा दिल धड़के क्यों धड़के, आज मिलन की बेला में, सर से चुनरिया क्यों सरके, आज मिलन की बेला में/ दैया रे दैया चढ़ गयो पापी बिछुवा (अर्थात उग्रनारायण) और इस गीत का फिर कुछ-कुछ मरघटी संगीत।
  7. उसने यदि नारी के सौन्दर्य को यौवन के अयलज अलंकारों और कंगन , चूड़ी , बिछुवा , कर्णफूल आदि दैनंदिन प्रयुक्त होने वाले शोभावर्धक आभूषणों के साथ चित्रित किया है , तो साथ ही उसने मेंहदी , महावर , सिंदूर , काजल , कुंकुम , रोली आदि वर्ण-सज्जाओं के साथ भी नारी का चित्रण किया है , किन्तु ये अलंकरण मात्र शोभावर्धक नहीं है बल्कि विशिष्ट सांस्कृतिक सामाजिक रीतियों व परिवेश के अंग भी है।
  8. उसने यदि नारी के सौन्दर्य को यौवन के अयलज अलंकारों और कंगन , चूड़ी , बिछुवा , कर्णफूल आदि दैनंदिन प्रयुक्त होने वाले शोभावर्धक आभूषणों के साथ चित्रित किया है , तो साथ ही उसने मेंहदी , महावर , सिंदूर , काजल , कुंकुम , रोली आदि वर्ण-सज्जाओं के साथ भी नारी का चित्रण किया है , किन्तु ये अलंकरण मात्र शोभावर्धक नहीं है बल्कि विशिष्ट सांस्कृतिक सामाजिक रीतियों व परिवेश के अंग भी है।
  9. पहाड़ की तीजनबाई श्रीमती कबूतरी देवी आज अपने इलाज को भी मोहताज है , कबूतरी देवी लंबे अर्से से अस्वस्थ चल रहीं हैं और इस समय अपनी बड़ी पुत्री के पास खटीमा के बिछुवा गाँव में है , कुछ समय पूर्व इनका सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में पथरी का ऑपरेशन हुआ था और अभी वर्तमान में फेफड़ों में इन्फेक्शन से पीड़ीत है तथा जिस कारण पिछले ४ - ५ दिन से इन्होने खाना-पीना त्याग रखा है ।
  10. इलाहाबाद : मुट्ठीगंज इलाके में स्थित राजा बारा के हाता में मंगलवार की सुबह नगर निगम के सफाई कर्मी बाबूलाल (50) पर बम से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में बाबूलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के पीछे पुलिस पुरानी रंजिश को वजह बता रही है। बाबूलाल के परिजनों की तहरीर पर मुट्ठीगंज थाने में तीन के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जार्जटाउन थाना क्षेत्र के फतेहपुर बिछुवा मोहल्ले म
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