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बहलावा meaning in Hindi

pronunciation: [ bhelaavaa ]
बहलावा meaning in English

Examples

  1. रोमन नागरिकों की तालियां ! तालियां , प्रतिहिंसा के संकल्प पर कि अगले भाग में तेरी ( जान ) कह के लेंगे , रामाधीर सिंह ! जिया तू तनी नाचि के , तनी गाई के , और सबका मन बहलावा रे भैया।
  2. आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ में वह ही ख़ुदा है सबका दर्द के पहलू में यार को सजदा किया जाता है आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है …
  3. दीवाने हो भटक रहे हो मस्जिद में बुतखानों में ढूंढ़ रहे हो सूरज को तुम अंधियारे तहखानों में जनसत्ता है नारे बाजी , प्रजातंत्र है बहलावा सिमटी हुई देश की सत्ता, केवल चंद घरानों में कैसे ख्वाब सजाये हो तुम रजनीगंधा महकेगी नागफ़नी के बीज तुम्ही ने बोये हैं उद्यानों में
  4. इसमें नामांकन समाप्ति के बाद अब चार दिन इन बागियों को भविष्य में कोई पद या सांसद का चुनाव लड़वाने का बहलावा दिया जाएगा तो , किसी को पुराने विरोध का भुलाने की मान-मनुहार की जाएगी , लेकिन बागियों के तेवरों को देखते हुए बगावत के सुर बदलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
  5. मुझे महसूस हुआ मेरे पेट पर मेरा एक सपना बैठा किलोल कर रहा था | मैंने अपनी दौनों बाहों में उसे उठा लिया और उसे खिलाने लगी चूमने लगी | उसने अपनी तोतली आवाज में कहा मुझे खेलना है पर चाँद से नहीं ना तारों से | एक ऐसा खिलौना जिसमे कोई झूठ या बहलावा न हो . .
  6. मित्र ! बहुत हो गई मीठी कोयल की तान खूब कर लिया खुले आसमां का बखान प्रकृति मे एकरूप होने का दावा मानसिक शांति का बहलावा कच्ची और कांटेदार सड़क पर धूल फांकते हुये अब पैदल ही चलो भीष्म बनी कांटो से बिद्ध साइकिल रगड़ कर थोड़ा गुस्से से भड़क कर पर थोड़ा मन ही मन बिगड़ते हुये अब वापस चलो मित्र
  7. दार्जिलिंग की वादियों से गुजरती हुई पटरियों पर उत्तर पूर्व की भाषा की महक लेकर आता ' कस्तो मज़ा है रेलई मा , रमईलो उकाली उराली ' हो या पंजाबी फील देता ' तेरा रु कतिया करुं ' ( रॉकस्टार ) या फिर बिहार की ज़बान में गाया गया गैंग्स ऑफ वासेपुर का ' तनि नाची गाई सबके मन बहलावा रे भईया ' , देश के हर हिस्से को गानों में जगह मिलती दिखाई देना अच्छे संकेत देता है।
  8. **** ये आभासी रिश्ते . ... पड़ जाते हैँ कमज़ोर एक दिन , ठीक उस दिन जिस दिन ख़त्म होने लगता है इनके बीच का खिचाव , पड़ जाती है ढीली पकड़ , न आकर्शण बचता है न गर्मी बचती है , खो जाती है खुश्बू ऐसे , काग़ज़ के महज़ फूल होँ जैसे , सब बेमाने हैँ यहाँ , सब दिखावा है यहाँ , न दिल का जुड़ाव है , न खून का लगाव है , मात्र छल है , दिखावा है , झूठ है , बहलावा है .... ये आभासी रिश्ते।
  9. **** ये आभासी रिश्ते . ... पड़ जाते हैँ कमज़ोर एक दिन , ठीक उस दिन जिस दिन ख़त्म होने लगता है इनके बीच का खिचाव , पड़ जाती है ढीली पकड़ , न आकर्शण बचता है न गर्मी बचती है , खो जाती है खुश्बू ऐसे , काग़ज़ के महज़ फूल होँ जैसे , सब बेमाने हैँ यहाँ , सब दिखावा है यहाँ , न दिल का जुड़ाव है , न खून का लगाव है , मात्र छल है , दिखावा है , झूठ है , बहलावा है .... ये आभासी रिश्ते।
  10. पहले से आशनाई होगी जो ज़िन्दगी तुम्हे देख के मुस्कुराई होगी तुम्हारे चिलमन में दिन का बसेरा होगा तुम्हारी खुशबू ने रात महकाई होगी तुम्हारी उंगलियों में कुछ तो कशिश होगी धड़कनें मेरी जो थरथराई होंगी बातों में मयखाने , साकिये का ज़िक्र या फिर नीयत मेरी लड़खड़ाई होगी आज फिर जो दिल में तूफ़ान उमड़ा है उससे बेपरवाह रहो तो अच्छा है क्या पता इस दिन के बाद काफ़िर दिल में फिर शब-ए-तन्हाई होगी हिचकियों का यूं आना शायद दिल का बहलावा हो शायद बारिश की बूंदों ने फिर उसे मेरी याद दिलाई होगी.
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