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दैनिक क्रियाकलाप meaning in Hindi

pronunciation: [ dainik keriyaakelaap ]
दैनिक क्रियाकलाप meaning in English

Examples

  1. पुराने कुसंस्कारी अभ्यासों को निरस्त करने के लिए नए उत्साह से , साहसपूर्वक सत्प्रयोजनों को दैनिक क्रियाकलाप में सम्मिलित करना पड़ता है और बार - बार उभरने वाली पशु - प्रवृत्तियों को निरस्त करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ता है।
  2. दोनों घनिष्ठ मित्रराष्ट्र हैं , हिन्दी और नेपाली की लिपि भी देवनागरी ही है और हिन्दी समझना नेपाल के लोगों के लिए बहुत आसान है, इसलिए हम अनुरोध करते हैं कि नेपाल से संबंधित दैनिक क्रियाकलाप और समाचारों को और बढ़ावा देना चाहिए.
  3. हिंदी और नेपाली की लिपि भी देवनागरी ही है और हिंदी समझना नेपाल के लोगों के लिए बहुत आसान है इसलिए हम अनुरोध करते हैं कि नेपाल से संबंधित दैनिक क्रियाकलाप और समाचारों को बीबीसी हिंदी डॉट कॉम पर और जगह मिलनी चाहिए .
  4. आज से मात्र बीस साल पूर्व वरूणा नदी काफी गहरी हुआ करती थी और वर्ष पर्यन्त जल से भरी रहती थी जिससे आस - पास के ग्रामवासी खेती , पेयजल दैनिक क्रियाकलाप , श्राद्ध तर्पण और पशुपालन के लिये इसी पर निर्भर रहते थे।
  5. याची ज्ञानचन्द यादव को चोट आने के फलस्वरूप उसके पैर की हड्डी भी टूट गयी और अब इस वृद्धावस्था में वह चलने फिरने में व दैनिक क्रियाकलाप करने में असमर्थ हो गया है और उस प्रकार चल फिर नहीं सकता है जैसा कि पहले करता था।
  6. अलग-अलग देशों के , अलग-अलग उम्र एवं अलग-अलग भाषा के जानकार, अनेक मनोवैज्ञानिकों ने, अनेकों अध्ययनों में बार-बार इस बात को प्रमाणित किया है कि किसी भी व्यक्ति के अधिकतर दैनिक क्रियाकलाप, जीवन जीने के तरीके, स्वयं के जीवन के साथ-साथ अन्य लोगों के जीवन तथा सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश के प्रति उसका सकारात्मक, नकारात्मक या आलोचनात्मक या सृजनात्मक नजरिया आदि सब कुछ उसके लालन-पालन एवं उसके समाजीकरण की आधारशिला पर आधारित होकर होता है।
  7. निश्चित समय पर जागना-सोना , दैनिक क्रियाकलाप , एक रेल की पटरी पर , खट-खट करते हुए , बस चलते ही रहते हैं-कभी-कभी , यह खट-खट , ' हमें ' लीलने लगती है और लगने लगता है कि , हमारा आस्तित्व ही इस खट-खट में विलीन हो रहा है , जैसे - ' हम ' कहीं खो गये हैं-और जीवन की स्थूलता ही चारों तरफ नजर आने लगती है , घबराहट होने लगती है-और , सोते-सोते , आंखें मूंदे-बिस्तर पर खुद को ही , ढूंढने लगते हैं .
  8. निश्चित समय पर जागना-सोना , दैनिक क्रियाकलाप , एक रेल की पटरी पर , खट-खट करते हुए , बस चलते ही रहते हैं-कभी-कभी , यह खट-खट , ' हमें ' लीलने लगती है और लगने लगता है कि , हमारा आस्तित्व ही इस खट-खट में विलीन हो रहा है , जैसे - ' हम ' कहीं खो गये हैं-और जीवन की स्थूलता ही चारों तरफ नजर आने लगती है , घबराहट होने लगती है-और , सोते-सोते , आंखें मूंदे-बिस्तर पर खुद को ही , ढूंढने लगते हैं .
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