ठेहुना meaning in Hindi
pronunciation: [ thehunaa ]
Examples
- “ ओह ई ठेहुना का दरद त जान ले के रहेगा . .. ई सादी का भाग दौ र. .. पूरा गोर पीरा रहा है .. ” और लंगडाते हुए बाहर चली गयीं .
- पंजी ( धोती ) ठेहुना ( घुटने ) तक उठाये धिया कु कु कु द द द द दप्प से कूद गई , लटकल गोड़ गिरल ( लटकता पैर गिरा ) धम्म से ...
- पहले ठेहुना भर सड़क पर गड्ढ़े को देखकर भी लोग कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करते थे , अब सड़क पर थोड़ी सी गड्ढ़े को देखकर यह कहते हैं कि काम नहीं हो रहा है।
- सास ने उसकी बात अनसुनी कर दी . ..और अपना घुटना पकड़ कर बोलीं..“ओह ई ठेहुना का दरद त जान ले के रहेगा...ई सादी का भाग दौर... पूरा गोर पीरा रहा है..” और लंगडाते हुए बाहर चली गयीं.
- पंजी ( धोती) ठेहुना (घुटने) तक उठाये धिया कु कु कु द द द द दप्प से कूद गई , लटकल गोड़ गिरल (लटकता पैर गिरा) धम्म से... बाबा मन में कहे कि बस्स! ईहे चाहीं (यही चाहिये) और पहुँच गये दन्न से!
- श्रीकंत्वा जब छोटा था त अपना छोटा भाई के पीठ में पेंसिले घोंप दिया था… आ हम लोग के बचपन में तो बाढ़ आता ही था आ फिर घरे-घर ठेहुना पानी… एक मिनट सर… का रे हीरो ! कुछ बात बना ? सर, आ गया श्रीकांत… '
- मगर पीढ़ा पर बैठी मन्नो मौसी ठेहुना तक साड़ी उठाये , गोड़ के बीच दाबे बट्टा पर एक हाथ टिकायी हैं, दुसरका तो गोदी में धरे चुप्पे लगायी हैं, कि गेलु दास के रेडियो से उड़ रहा सहगलजी के गजल पर मचल रही हैं, कवनो मसाला पीस रही हैं, जी?
- कोई इंसान , गर्भवती पत्नी के पेट पर ठेहुना के बल चढ़ जाए , पत्नी का सर दीवाल में फोड़ दे ... भेड़िया ही होगा .... ?? और जब उसकी पत्नी अपना डर छोड़ , उसके सामने कुछ दहाड़ी , तो थोडा स्थति बश में होता नजर आ रहा है .... ??
- ओह , केतना त करेजा पीराय रहा है कि थोड़ा सुभीता होता त अभीये उड़के तोहरे पास चहुंप जाते, बबुआ के झांकी लेते, अऊर तोहरे हाथ को अपने हाथ में लिए दिल का बात कहके करेजा ठंडा करते, सच्चो में, बेबी! तुम हुआं ठेहुना पर अपना सुन्नर छौंड़ा को तेल लगा रही हो और हियां जो है दुख का रोज दू गो पहाड़ फूटता रहता है.
- पंजी ( धोती) ठेहुना (घुटने) तक उठाये धिया कु कु कु द द द द दप्प से कूद गई, लटकल गोड़ गिरल (लटकता पैर गिरा) धम्म से... बाबा मन में कहे कि बस्स! ईहे चाहीं (यही चाहिये) और पहुँच गये दन्न से!नाना कहे कि सछाते भगवान जी धिया के हाथ माँगे आ गइलें (साक्षात भगवान जी पुत्री का हाथ माँगने आ गये)! मनकूद कथ्था (कथा) बीच में ही रोक बबुनवा बबुनी को देखता है।