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जन साहित्य meaning in Hindi

pronunciation: [ jen saahitey ]
जन साहित्य meaning in English

Examples

  1. अंक में व्यंग्य गद्य व पद्य की कुछ समसामयिक रचनाएं इस आशय के साथ प्रकाशित की गई है कि यह समाज को दिशा देने का प्रयास करने के साथ साथ जन साहित्य को आम लोगों तक पहंुचाएगी।
  2. आपने गांधीवाद के भावतत्व को वाणी देने का सार्थक प्रयास किया है तथा अहिंसात्मक क्रान्ति के विद्रोह व सुधारवाद को अत्यन्त सरल सबल और सफल ढंग से काव्य बनाकर ' जन साहित्य' बनाने के लिए उसे मर्मस्पर्शी और मनोरम बना दिया है।
  3. आपने गांधीवाद के भावतत्व को वाणी देने का सार्थक प्रयास किया है तथा अहिंसात्मक क्रान्ति के विद्रोह व सुधारवाद को अत्यन्त सरल सबल और सफल ढंग से काव्य बनाकर ' जन साहित्य' बनाने के लिए उसे मर्मस्पर्शी और मनोरम बना दिया है।
  4. फतुहा की साहित्यिक संस्था ' जन साहित्य परिषद‘ एवं जन प्रगति संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में पिछले दिनों एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों के कई प्रमुख साहित्यकारों, पत्राकारों एवं कलाकारों ने शिरकत की।
  5. फतुहा की साहित्यिक संस्था ' जन साहित्य परिषद‘ एवं जन प्रगति संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में पिछले दिनों एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों के कई प्रमुख साहित्यकारों, पत्राकारों एवं कलाकारों ने शिरकत की।
  6. आपने गांधीवाद के भावतत्व को वाणी देने का सार्थक प्रयास किया है तथा अहिंसात्मक क्रान्ति के विद्रोह व सुधारवाद को अत्यन्त सरल सबल और सफल ढंग से काव्य बनाकर ' जन साहित्य ' बनाने के लिए उसे मर्मस्पर्शी और मनोरम बना दिया है।
  7. आपने गांधीवाद के भावतत्व को वाणी देने का सार्थक प्रयास किया है तथा अहिंसात्मक क्रान्ति के विद्रोह व सुधारवाद को अत्यन्त सरल सबल और सफल ढंग से काव्य बनाकर ' जन साहित्य ' बनाने के लिए उसे मर्मस्पर्शी और मनोरम बना दिया है।
  8. दलित साहित्य : अतीत , वर्तमान और भविष्य असमता और सामाजिक अन्याय का प्रतीक है मरीचझांपी नरसंहार साहित्य और कला के मौजूदा बाजारू स्वरूप के कारण ही स्त्री के विरुद्ध यौन अत्याचार के मामले बढ़ रहे दलित साहित्य हो या जन साहित्य , उसमें सामाजिक सरोकार के स्वर मुख्य होने चाहियें।
  9. यह एक विडम्बना ही है की कर्मकांडी ब्राह्मण जिस साहित्य की व्याख्या कर्मकांड के समय करते हैं वह विद्वता की दृष्टि से उथला है और जो जन साहित्य सारगर्भित है , जिसमे मनोविज्ञान की परिभाषाएं छुपी हैं , जिस साहित्य में भारतीय षट दर्शनशास्त्र का निचोड़ है उसे सदियों से वह सर्वोच स्थान नही मिला जिस यह साहित्य हकदार है .
  10. इस आंदोलन की व्यापकता के फलस्वरूप हिंदी कविता में क्रांतिकारी वाम चेतना से लैस कविता के तीसरे संसार की उत्पत्ति हुई जिसने पिछले शीतयुद्धीय और पूँजीवादी राजनीति से प्रभावित , दिग्भ्रमित और दिशाहीन साहित्यांदोलनों के जाल को काटा और प्रगतिशीलता और जनवादी कार्य का न केवल विस्तार किया बल्कि जन कला और जन साहित्य के नए प्रतिमान रच कर उसे नए मायने भी दिए।
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