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खोजू meaning in Hindi

pronunciation: [ khoju ]
खोजू meaning in English

Examples

  1. मैं सीनरी कहाँ से खोजू ? मैं कैसे स्वयं की सीनरी बनाऊँ? अपनी सीनरी से मैं दोस्त को कैसे जोड़ या निकाल सकती हूँ?
  2. मैं अपने नए इन्टीरीअर्स को कहाँ से खोजू ? मैं अन्य रूम पर कैसे जाऊँ? मैं अपने रूम को लॉक/अनलॉक कैसे कर सकती हूँ? मेरे
  3. जो कभी तुमसे न कह पाए हम , कभी तो समझो हमारी वो बातें.... साथ ऐ तुम्हारा चाहू हरदम , पर खोजू , ख़ुद से बहतर , सुनकर तुम्हारी बातें ...
  4. आनंद जी , कल हमारी आपकी बात हुई थी, आज मैं सोचा की ब्लॉग जगत में खोजू आप मिलते है की नहीं, पर आप मिले और मिलकर अच्छा लगा की आप एक अच्छे लेखक है.
  5. अमरीकी सेनेट की ‘ हाउस अन-अमेरिकन ऐक्टिविटीज़ कमेटी ' अपने ‘ डायन खोजू अभियान ' मे जिस-तिस लेखक या संस्कृतिकर्मी को दाग़ी घोषित करके , उसे मध्ययुगीन धार्मिक न्यायाधिकरणों जैसी पूछ-ताछ का सामना करने पर विवश कर रही थी।
  6. अब जब आप यूट्यूब पर जाएँगे वीडियो हमेशा पहले से बने हुए एंड्राइड यूट्यूब एप्लीकेशन में खुलेंगे फॉयरफ़ॉक्स के ऐड ओंस के बारे में अधिक जानकारी के लिएदेखे , मै ऐड ओंस कैसे खोजू और उसे संथापित करू ?
  7. पिछले साठ सालो मे महान भ्रष्ट्राचार खोजू तहलका दस्ते की आंख भी फ़ूटी थी और अब भी फ़ूट ही गई है इन हरामजादे नेताओ , स्वंभू सेकुलर भट्टो और पत्रकारो पत्रकार काहे के जी पतियाये हुये है ये को तो आज चौराहे पर खडा कर जूते बजाये जाये सालो के
  8. यूँही गुजर गया मैं उस मंजर को देखे जहाँगुजर रही थी एक मौत किसी के जिस्म से होकरऔर तमाशबीन बनी दुनियां गंगा जल खोज रहे थे दो बूंद , यूँही गुजर गया मैं …..कहती थी दादी मेरी जब सारा शहर सोता था तो जुगनू चमकते थे आकाश मेंआज खोया है मुल्क मेरा मैं मैं खोजू इन्हें तारो में कहाँ ,ख...
  9. हां पर , चिड़ियां उड़ मे बकरी के उड़ जाने के बाद , हाथ जोड़ मार खाती बहन के हाथ बचाने के तरीकों को देख , मेरी कहानी खोजू आंखों को मेहंदी लगी आँखें अगर हंसता देखें , कंधा सहलाता हाथ दो पल रुक जाये , और फ़िर खुद भी , आंखें चार हों हंसने लगें , क्या तब भी कोई बात नहीं ?
  10. हां पर , चिड़ियां उड़ मे बकरी के उड़ जाने के बाद, हाथ जोड़ मार खाती बहन के हाथ बचाने के तरीकों को देख, मेरी कहानी खोजू आंखों को मेहंदी लगी आँखें अगर हंसता देखें, कंधा सहलाता हाथ दो पल रुक जाये, और फ़िर खुद भी, आंखें चार हों हंसने लगें, क्या तब भी कोई बात नहीं ? ऐसी फ़ुटकर और निहायत ही फ़र्जी कहानियां देख, कहानी और नया साल की बात नयन से सुनते ही मैं चौकन्ना हो जाता हूं ।
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