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आसूदगी meaning in Hindi

pronunciation: [ aasudegai ]
आसूदगी meaning in English

Examples

  1. 113 . मुतअल्लिक़ीन ( सम्बंधियों ) की कमी दो किस्मों ( प्रकारों ) में एक क़िस्म ( प्रकार ) की आसूदगी ( समृद्घि ) है।
  2. आसूदगी , सुकून मयस्सर थे सब मगर ज़ंजीर उसके पांव की दीनार हो गए सर्वत किसी को भी नहीं ख्वाहिश सुकून की अब लोग वहशतों के तलबगार हो गए
  3. बहुत खूब इस शेर से आगे बढ़ने में ही बहुत वक़्त लग गया : “संजीदगी, वाबस्तगी, शाइस्तगी, खुद-आगही आसूदगी, इंसानियत, जिसमें नहीं, क्या आदमी” हर शेर वजनदार बन पड़ा है.
  4. एक ओर संजीदगी , वाबस्तगी, शाइस्तगी, खुद-आगही, आसूदगी, इंसानियत जेसे शब्दों को एक ही शेर में पिरो ले जाना दूसरी ओर अहसासों का इंद्रधनुष लिये ये ग़ज़ल आपकी चुनिंदा ग़ज़लों मे गिनी जा सकती है।
  5. कह उठे एक दिल है कि जानवरों के लिए इस कदर प्यार से भरा है और सैकडों दिल ऐसे हैं जो इंसानों पर चाबुक बरसाने में आसूदगी , संतोष और ऐश्वर्य का अनुभव करते है.
  6. से 30 ई० तक का ज़माना हमारे यहां मआशी और समाजी तौर से कुछ अजीब तरह की बेफ़िक्री , आसूदगी का ज़माना था जिसमें अहम क़ौमी और सियासी तहरीकों के साथ-साथ नस्रो-नज़्म में बेश्तर संजीदा फ़िक्रो-मुशाहिदा के बजाय कुछ रंगरलियां मनाने का-सा अंदाज़ था।
  7. से 30 ई० तक का ज़माना हमारे यहां मआशी और समाजी तौर से कुछ अजीब तरह की बेफ़िक्री , आसूदगी का ज़माना था जिसमें अहम क़ौमी और सियासी तहरीकों के साथ-साथ नस्रो-नज़्म में बेश्तर संजीदा फ़िक्रो-मुशाहिदा के बजाय कुछ रंगरलियां मनाने का-सा अंदाज़ था।
  8. पहले की बात है मैंने एक शेर कहा था : संजीदगी, वाबस्तगी, शाइस्तगी, खुद-आगही आसूदगी, इंसानियत, जिसमें नहीं, क्या आदमी (वाबस्तगी: सम्बन्ध, लगाव, शाइस्तगी: सभ्यता, खुद-आगही: आत्मज्ञान, आसूदगी:संतोष) कहने बाद मैंने सोचा के इस शेर में जो आदमी की इतनी खूबियाँ बयाँ की हैं वो कहीं एक साथ मिलती भी हैं?
  9. किताबों की दुनिया - 65 पहले की बात है मैंने एक शेर कहा था : संजीदगी , वाबस्तगी , शाइस्तगी , खुद-आगही आसूदगी , इंसानियत , जिसमें नहीं , क्या आदमी ( वाबस्तगी : सम्बन्ध , लगाव , शाइस्तगी : सभ्यता , खुद-आगही : आत्मज्ञान , आसूदगी : संतोष ) कहने बाद म. ..
  10. किताबों की दुनिया - 65 पहले की बात है मैंने एक शेर कहा था : संजीदगी , वाबस्तगी , शाइस्तगी , खुद-आगही आसूदगी , इंसानियत , जिसमें नहीं , क्या आदमी ( वाबस्तगी : सम्बन्ध , लगाव , शाइस्तगी : सभ्यता , खुद-आगही : आत्मज्ञान , आसूदगी : संतोष ) कहने बाद म. ..
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