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अचकचाहट meaning in Hindi

pronunciation: [ achekchaahet ]
अचकचाहट meaning in English

Examples

  1. पर मुझे सैल्यूट कर नम आंखों से मेरा बारीक धुंधला नाम पढ़कर मुझे शर्मिन्दा न करें उसे साफ़ पढ़ने की कोशिश आपकी आंखों में कई परेशान सवाल खड़े कर देगी और उनके जवाबों में पसीना , अचकचाहट, लरज़ती ज़बान.
  2. पर मुझे सैल्यूट कर नम आंखों से मेरा बारीक धुंधला नाम पढ़कर मुझे शर्मिन्दा न करें उसे साफ़ पढ़ने की कोशिश आपकी आंखों में कई परेशान सवाल खड़े कर देगी और उनके जवाबों में पसीना , अचकचाहट, लरज़ती ज़बान.
  3. पर मुझे सैल्यूट कर नम आंखों से मेरा बारीक धुंधला नाम पढ़कर मुझे शर्मिन्दा न करें उसे साफ़ पढ़ने की कोशिश आपकी आंखों में कई परेशान सवाल खड़े कर देगी और उनके जवाबों में पसीना , अचकचाहट , लरज़ती ज़बा न.
  4. पर मुझे सैल्यूट कर नम आंखों से मेरा बारीक धुंधला नाम पढ़कर मुझे शर्मिन्दा न करें उसे साफ़ पढ़ने की कोशिश आपकी आंखों में कई परेशान सवाल खड़े कर देगी और उनके जवाबों में पसीना , अचकचाहट , लरज़ती ज़बा न.
  5. अपनी अचकचाहट को छिपाने के लिए मैंने अपने चेहरे पर थोड़ी हँसी बिखेरते हुए उससे पूछा - ' ' तुम कौन हो जी ? '' सवाल के समान सवाल आया क्योंकि ' सवाल पूछने तक उसके चेहरे पर भी वैसी ही मुस्कान थी।
  6. हां , क्योंकि ये ही सब चीज़ें तो प्यार हैं यह अकेलापन , यह अकुलाहट , यह असमंजस , अचकचाहट , आर्त , अननुभव , यह खोज , यह द्वैत , यह असहाय विरह व्यथा , यह अन्धकार में जाग कर सहसा पहचानना कि जो मेरा है वही ममेतर है
  7. हां , क्योंकि ये ही सब चीज़ें तो प्यार हैं यह अकेलापन , यह अकुलाहट , यह असमंजस , अचकचाहट , आर्त , अननुभव , यह खोज , यह द्वैत , यह असहाय विरह व्यथा , यह अन्धकार में जाग कर सहसा पहचानना कि जो मेरा है वही ममेतर है
  8. पर मुझे सैल्यूट कर , नम आंखों से मेरा बारीक धुंधला नाम पढ़कर, मुझे शर्मिदा ना करें, उसे साफ पढ़ने की कोशिश, आपकी आंखों में कई परेशान सवाल खड़े कर देगी, और उनके जवाबों में, पसीना, अचकचाहट, लरजती जबान, और झंकती बगलों के सिवा कुछ और नहीं मिलेगा, आप नाहक परेशान ना हों.
  9. उस गायिका के बारे में खुद तैमूर भी कुछ नहीं जानते थे सिवाय इसके कि उसके बैंड ने उन्हें दिल्ली में हुए इस शो के लिए साजो सामान मुहैय्या किया था . बहरहाल ये जे.एन.यु था जिसने इस अचकचाहट से निकल कर उस गायिका की सधी आवाज़ और रागों के उसके प्रयोग को सुना.
  10. उस अनदेखे अरूप ने कहाः ‘‘ हाँ , क्योंकि ये ही सब चीज़ें तो प्यार हैं- यह अकेलापन , यह अकुलाहट , यह असमंजस , अचकचाहट आर्त अननुभव , यह खोज , यह द्वैत , यह असहाय विरह-व्यथा , यह अन्धकार में जाग कर सहसा पहचानना कि जो मेरा है वही ममेतर है।
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