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पांडुरोग meaning in Hindi

pronunciation: [ paaneduroga ]
पांडुरोग meaning in English

Examples

  1. पांडुरोग ( रक्ताल्पता ) - करेले के पत्तों का 2 - 2 चम्मच रस सुबह-शाम देने से पांडुरोग में लाभ होता है।
  2. सूखे फल खूनी अतिसार , आँव, बवासरी और रक्तपित्त में तथा लोहभस्म के साथ लेने पर पांडुरोग और अजीर्ण में लाभदायक माने जाते हैं।
  3. सूखे फल खूनी अतिसार , आँव, बवासरी और रक्तपित्त में तथा लोहभस्म के साथ लेने पर पांडुरोग और अजीर्ण में लाभदायक माने जाते हैं।
  4. सूखे फल खूनी अतिसार , आँव , बवासरी और रक्तपित्त में तथा लोहभस्म के साथ लेने पर पांडुरोग और अजीर्ण में लाभदायक माने जाते हैं।
  5. दाडिम के विशिष्ट गुणों से बना दाडिमावलेह का सेवन करने से पांडुरोग ( कामला), बुखार से वमन होना, बार-बार शौच होना इन तकलीफों की उत्तम दवा है।
  6. 10 - 15 दिन तक केवल गाजर के रस पर रहने से रक्तविकार , गाँठ , सूजन एवं पांडुरोग जैसे त्वचा के रोगों में लाभ होता है।
  7. दाडिम के विशिष्ट गुणों से बना दाडिमावलेह का सेवन करने से पांडुरोग ( कामला ) , बुखार से वमन होना , बार-बार शौच होना इन तकलीफों की उत्तम दवा है।
  8. यदि शल्यक्रिया संभव न हो तो पित्तीय वृक्ष में गुहांतर्दर्शी विधि से नली लगाने से पांडुरोग घट सकता है और आमाशय में नली लगाने से उल्टी आना कम हो सकता है।
  9. यदि शल्यक्रिया संभव न हो तो पित्तीय वृक्ष में गुहांतर्दर्शी विधि से नली लगाने से पांडुरोग घट सकता है और आमाशय में नली लगाने से उल्टी आना कम हो सकता है।
  10. सावधानीः अत्यंत शीत काल में या कफप्रधान प्रकृति के मनुष्य द्वारा घी का सेवन रात्रि में किया गया तो यह अफरा , अरुचि , उदरशूल और पांडुरोग को उत्पन्न करता है।
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