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तिलवा meaning in Hindi

pronunciation: [ tilevaa ]
तिलवा meaning in English

Examples

  1. सफेद या काला तिल , उसमें लोग बादाम या मूंगफली भी मिलाते हैं , लेकिन ख़ास बात ये है कि लाई और तिलवा साल में कभी भी दूसरे सीज़न में नहीं बनता।
  2. मैनवा से बातचीत के क्रम में ही वहां तिलवा देवी , दीना भुइयां , कमल भुइयां , किता भुइयां , सावित्री देवी , कुंती देवी , लछवा देवी , गोहरी देवी आदि की भीड़ जुटती है।
  3. महक बलीराम बौहरे की नाक तक पहुँची पर इससे पहले कि वे पैसों का तकाजा करते रामनाथ की घरवाली खुद काकाजू को पल्लू से पाँव छूकर गुड तिली वाली बाजरे की टिकिया और तिलवा लड्डू दे आई ।
  4. बडियां तो अब मेरे यहां नहीं बनती , लेकिन खिचडी के पहले तिलवा , तिलई बनाने , गन्ने की पिराई के बाद गुड बनाने और पूजा के लिए चक्की से आटा पिसने का कुछ ऐसा ही आयोजन होता है .
  5. खिचड़ी के समय हमारे बाज़ार नौपेडवा में आज शाम के ५ बजे की कुछ चित्रमय झांकी देखें - - - - - ( लाई - चूड़ा - गट्टा से सजी दुकानें और खरीददारी करते लोग ) ( ताजे गुड का तिलवा )
  6. तिलवा ( लाई) एक लाजवाब देहाती मिठाई तिलवा (लाई) ठंढ - के दिनों में देहातों में बनाया जाने वाला एक लाजबाब मिठाई है, बिलकुल देहाती चीजों से बना ये तिलवा, बड़ी ही चाव से खाया जाता है, मकर संक्रति(खीचड़ी) के समय इसका महत्त्व बहुत अधिक है।
  7. तिलवा ( लाई) एक लाजवाब देहाती मिठाई तिलवा (लाई) ठंढ - के दिनों में देहातों में बनाया जाने वाला एक लाजबाब मिठाई है, बिलकुल देहाती चीजों से बना ये तिलवा, बड़ी ही चाव से खाया जाता है, मकर संक्रति(खीचड़ी) के समय इसका महत्त्व बहुत अधिक है।
  8. तिलवा ( लाई) एक लाजवाब देहाती मिठाई तिलवा (लाई) ठंढ - के दिनों में देहातों में बनाया जाने वाला एक लाजबाब मिठाई है, बिलकुल देहाती चीजों से बना ये तिलवा, बड़ी ही चाव से खाया जाता है, मकर संक्रति(खीचड़ी) के समय इसका महत्त्व बहुत अधिक है।
  9. तथा उस दिन तील के बनी मिठाइयाँ ( तिलकुट, रेवड़ियाँ , तिलवा मेथी आदि खाने का रिवाज है, तथा चुड़ा और दही भी बड़े चाव से खाया जाता है, गंगा जैसी पवित्र नदियों मे स्नान करने हेतु लोग दूर दराजों से आते हैंऔर उनमें डुबकी लगा कर अपने आप को धन्य समझते हैं.
  10. तथा उस दिन तील के बनी मिठाइयाँ ( तिलकुट, रेवड़ियाँ , तिलवा मेथी आदि खाने का रिवाज है, तथा चुड़ा और दही भी बड़े चाव से खाया जाता है, गंगा जैसी पवित्र नदियों मे स्नान करने हेतु लोग दूर दराजों से आते हैंऔर उनमें डुबकी लगा कर अपने आप को धन्य समझते हैं.
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