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ढिंडोरा meaning in Hindi

pronunciation: [ dhinedoraa ]
ढिंडोरा meaning in English

Examples

  1. श्री सिंधिया ने कहा कि सरकार तीर्थ दर्शन का ढिंडोरा पीट रही है जबकि प्रदेश के देव स्थानों पर दर्शनार्थियों की अकाल मौत हो रही।
  2. धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रेखा चौधरी ने कहा कि भाजपा नगर विकास का ढिंडोरा पीट रही है नगर की सड़कें , यातायात व्यवस्था , तालाब का सौन्दर्यकरण आदि कार्य नहीं हो सके हैं।
  3. अशोकनगर को जिला बने हुए 10 वर्षों से अधिक का समय बीत गया है इसके बाद भी अशोकनगर जिला प्रदेश के सभी जिलों में सबसे पीछे है और नेता विकास का ढिंडोरा पीटते फिरते हैं।
  4. उत् तर आधुनि कता का ढिंडोरा पि टती दुनि या के एक अँधेरे कोने में अभि शप् त जीवन प्रवि धि से गुज़रती पीढ़ी की यातना को स् वर देते हुए कथाकार ' सबाल् टर्न ' को मुखर करता है ।
  5. उन्होंने कहा कि विगत छह महीने में राष्ट्रपति शासन में विकास का ढिंडोरा पीटा जा रहा था , विज्ञापनों के माध्यम से पैसे की बर्बादी और झूठा प्रचार करके नयी कार्य संस्कृति विकसित करने की बात कही जा रही थी , जबकि परिणाम भयावह है।
  6. फुंडा सिंपल सा है अगर कानून में कोई गड़बड़ी है टोह ठीक करो और अगर कांग्रेस इरादा मुसलमान की इंसाफ देना ही है टोह कानून में बदलाब करके ( जोह भी खामिया है आपके हिसाब से जेब कतरे छूट जाने का) सजा दिलयेंअ की पब्लिक में ढिंडोरा पीटे.
  7. ऐसे मे एक जागरुक आदमी को यह बात बडी अखरती है कि देश मे स्वदेशी का ढिंडोरा पीटने वाले स्वामी रामदेव खुद विदेशी कम्पनियों की कारों का प्रयोग करते है और ये विदेशी वाहन उनके आश्रम की शोभा है तो फिर करनी और कथनी मे अंतर क्यो ?
  8. एक तरफ कांग्रेसी सरकार और मेडम तड़का खाद्य सुरक्षा का ढिंडोरा पीट रही है दूसरी ओर किचन पर ही हमला हो रहा है सब्जियों पर तो कह सकते है की कम पैदावार हुई लेकिन क्या गैस सेलेंडर भी कम हो गये जो 6या 9 पर सीमित कर दिया वो भी बिना परिवार की आय देखे
  9. विश्व स्तर पर प्रमुख आर्थिक एवं कार्पोरेट घरानों ने , जिन्हें उमड़ते हुए जन सैलाब का भय सता रहा है जैसा कि ग्रीस में देखा गया है, यह फैसला किया है कि वे लोगों के संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करेंगे, हालाँकि इन घरानों के प्रमुख वक्ताओं ने अपने आधिकारिक वक्तव्यों में प्रजातंत्र एवं मानवाधिकारों का झूठा ढिंडोरा पीटा है।
  10. विश्व स्तर पर प्रमुख आर्थिक एवं कार्पोरेट घरानों ने , जिन्हें उमड़ते हुए जन सैलाब का भय सता रहा है जैसा कि ग्रीस में देखा गया है , यह फैसला किया है कि वे लोगों के संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करेंगे , हालाँकि इन घरानों के प्रमुख वक्ताओं ने अपने आधिकारिक वक्तव्यों में प्रजातंत्र एवं मानवाधिकारों का झूठा ढिंडोरा पीटा है।
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