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खण्डिता meaning in Hindi

pronunciation: [ khenditaa ]
खण्डिता meaning in English

Examples

  1. डॉ नित्यानन्द तिवारी रीतिकाव्य के अध्ययन के सम्बन्ध में यह बात प्रस्तावित करते हैं कि रीति काव्य में कुछ पढ़े जाने योग्य है तो वह खण्डिता की स्थिति है , उसका दु : ख है।
  2. सूरदास ने राधा के अतिरिक्त ललिता और चन्द्रावली का विशेष उल्लेख किया है और उन्हें राधा की परम प्रिय , घनिष्ठ सखियों के रूप में ' मान ' और ' खण्डिता ' के प्रकरणों में चिन्तित किया है।
  3. सूरदास ने राधा के अतिरिक्त ललिता और चन्द्रावली का विशेष उल्लेख किया है और उन्हें राधा की परम प्रिय , घनिष्ठ सखियों के रूप में ' मान ' और ' खण्डिता ' के प्रकरणों में चिन्तित किया है।
  4. यह सिलसिला काव्य में शुरू से अन्त तक लगा रहता है . काव्य में संयोगतथा विप्रलम्भ श्रृंगार के विविध आयामों का बड़ा ही भावाग्राही चित्रणकिया गया है, विप्रलम्भ श्रृंगार की स्थिति में राधा कभी मानिनी बनकर, कभी विप्रलब्धा, कभी खण्डिता, कभी वासक सज्जा तथा कभी अभिसारिका बनकरपाठकों के सामने उपस्थित होती है.
  5. खण्डिता नायिका के विषय में आचार्य धनंजय कहते हैं- “ ज्ञातेऽन्यासङ्गविकृते खण्डितेर्ष्याकषायिता ” अर्थात् “ जब नायिका को किसी दूसरी स्त्री से सम्बन्ध स्थापित करने का नायक का अपराध पता हो जाय , तथा इस अपराध के कारण वह ईर्ष्या से कलुषित हो उठे तो वह खण्डिता कहलाती है . ”
  6. खण्डिता नायिका के विषय में आचार्य धनंजय कहते हैं- “ ज्ञातेऽन्यासङ्गविकृते खण्डितेर्ष्याकषायिता ” अर्थात् “ जब नायिका को किसी दूसरी स्त्री से सम्बन्ध स्थापित करने का नायक का अपराध पता हो जाय , तथा इस अपराध के कारण वह ईर्ष्या से कलुषित हो उठे तो वह खण्डिता कहलाती है . ”
  7. वह नायिका खण्डिता हो रहती है जब अचानक यह प्रामाणिक तौर पर मालूम हो जाता है कि उसके प्रेमी / पति ने उससे बेवफाई कर किसी और से प्रणय सम्बन्ध स्थापित कर लिए हैं - उसकी घोर व्यथा , संताप / प्राण पीड़ा और तद्जनित आक्रोश की मनोदशा उसे जो भाव भंगिमा प्रदान करती है वह साहित्यकारों की दृष्टि में खण्डिता नायिका की है !
  8. वह नायिका खण्डिता हो रहती है जब अचानक यह प्रामाणिक तौर पर मालूम हो जाता है कि उसके प्रेमी / पति ने उससे बेवफाई कर किसी और से प्रणय सम्बन्ध स्थापित कर लिए हैं - उसकी घोर व्यथा , संताप / प्राण पीड़ा और तद्जनित आक्रोश की मनोदशा उसे जो भाव भंगिमा प्रदान करती है वह साहित्यकारों की दृष्टि में खण्डिता नायिका की है !
  9. ज्ञातेऽन्यास्ड़्गविवृते खण्डितेर्ष्याकषायिता - अन्य स्त्री के सहवास से विकृत ( चिह्नित ) देखकर जो ईर्ष्या से क्रुद्ध हो उठती हो , उसे खण्डिता नायिका कहते हैं , कहने का अभिप्राय यह है कि पति के लिये पत्नी श्रंगार करके बैठी थी , परन्तु वह किसी अन्य स्त्री के साथ रात्रि में सहवास करके प्रात : घर आया है , उसके होठों पर लाली तथा कपोलों पर सिंदूर लगा है , उसे देख कर पत्नी जल-भुन जाती है , ऐसी स्त्री को पति चाटुवचनों से पैरों में गिरकर प्रसन्न करता है।
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