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अबका meaning in Hindi

pronunciation: [ abekaa ]
अबका meaning in English

Examples

  1. संसद अवरुद्ध की धूरी में घूम रहा अबका नेपाल व उसके राजनेतागण पर्ूण्ातः भूल गये कि अब जल्दी ही संविधान निर्माण नहीं हुआ तो सचमूच की दर्ुघटना हो सकती है ।
  2. पूंजीवाद और विज्ञान के विकास ने इतिहास को जड़ों से जोड़ा लेकिन अबका जो चरम पूंजीवाद , बोले तो , बाजारवाद है , वह फिर से इतिहास को पलट रहा है।
  3. कहीं ऐसा तो नहीं विमर्शवाद वाली सामाजिकता अपनी हड़बड़ी में इतिहास के खास तरह के और चुने हुए नकार पर टिकी हो और इसीलिए ऐसा लगने लगा हो कि अबका साहित्य ही सही मायने में सामाजिक संरचना बन पाया है और उसने ही समाज को ज्यादा प्रमाणिक अभिव्यक्ति बनाया है।
  4. कहीं ऐसा तो नहीं विमर्शवाद वाली सामाजिकता अपनी हड़बड़ी में इतिहास के खास तरह के और चुने हुए नकार पर टिकी हो और इसीलिए ऐसा लगने लगा हो कि अबका साहित्य ही सही मायने में सामाजिक संरचना बन पाया है और उसने ही समाज को ज्यादा प्रमाणिक अभिव्यक्ति बनाया है।
  5. रिटायर होने के बाद भी उन्होंने काम नहीं छोड़ा और कोई प्राइवेट स्कूल में वोह पढ़ते रहे , घर पर तो वोह बैठते ही नहीं थे, कभी हम देवबंद जाते तो हमें बस स्टैंड पर ही मिल जाते घूमते हुए, अबका तो पता नहीं पर जब वोह जीवित थे पूरा देवबंद क़स्बा उन्हें पहचान्ताथा.
  6. 2 . संबेधानिक अधिकारों का हनन - भारत का संबिधान हर नागरिक को समानता का अधिकार प्रदान करता है I अनुबंध कर्मियों को उनके संबेधानिक अधिकारों से भी बंचित रखा जा रहा है I नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले सभी भत्तों से अनुबंध कर्मचारियों को महरूम किया गया है I यहाँ तक चिकित्षा भत्ता , चिकित्षा अबका श.
  7. ई भक्ति के रंग में रंगल गाँव देखा धरम में करम में सनल गाँव देखा अगल में बगल में सगल गाँव देखा अमवसा नहाये चलल गाँव देखा॥ एहू हाथे झोरा , ओहू हाथे झोरा अ कान्ही पे बोरी, कपारे पे बोरा अ कमरी में केहू, रजाई में केहू अ कथरी में केहू, दुलाई में केहू अ आजी रंगावत हईं गोड़ देखा हँसत हउवैं बब्बा तनी जोड़ देखा घुँघुटवै से पूँछै पतोहिया कि अइया गठरिया में अबका रखाई बतइहा एहर हउवै लुग्गा
  8. हर श्वास में विश्वास भर ले टूटा अँधेरा भोर में , पंछियोँ के शोर में चल करें स्वागत सूर्य का, बढ़े सपनों की ओर में हो गया दूर तम अब, सब दृश्य उज्जवल हो गया महकती हवा संदेश लाई, मिल गया इक दिवस नया माँ सरस्वती की वंदना को, नन्हें कदम बढ़नें लगे आने को है इक युग नया, यह अमृत कानों में भरनें लगे “ह्रदय” अब अन्तर तक जग ले, रोम रोम में रोमांच भर ले अबका सवेरा कुछ ख़ास होगा, हर श्वास में विश्वास भर ले.
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