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अतीतकाल meaning in Hindi

pronunciation: [ atitekaal ]
अतीतकाल meaning in English

Examples

  1. प्राचीन भारतीय इतिहास पर दृष्टि डालने से यह प्रतीत होता है कि भारत अतीतकाल से ज्ञान , विज्ञान , कला , कौशल एवं दर्शन का केंद्र रहा है।
  2. उक्त तथ्यों सेजान पड़ता है कि किसी सुदुर अतीतकाल में भारत के ही लोगों ने एशियाई देशों मेंहोते हुए मिश्र तक पहुंचकर वहां अपनी संस्कृति का प्रसार किया था .
  3. कहा जाता है कि अतीतकाल में सारे संसार में यूनान सबसे अधिक ज्ञान के लिए , मिस्र सबसे अधिक आर्थिक समृद्धि के लिए तथा रोम शक्ति के लिए प्रसिद्ध थे।
  4. अतीतकाल से ही लोग यह सोचने-विचारने लगे थे कि उनके गिर्द विद्यमान वस्तुएं किससे निर्मित हैं और कि उनका कोई सार्विक ( Universal ) नियम या आधार है या नहीं।
  5. प्रोफेसर हेविट ने अपनी उपर्युक्त पुस्तक में प्रागैतिहासिक-काल की कुछ प्रमुख शासक जातियों का भी विस्तार से उल्लेख किया है , जोकि उस अतीतकाल में भारत में तथा दक्षिण-पश्चिम एशिया एवं दक्षिण योरूप विद्यमान थी।
  6. रामायण तथा महाभारत आदि ग्रन्थों के वर्णन से वह अवश्य ज्ञात होता है कि अतीतकाल में कुछ लोग अवश्य ही उत्तर कुरु- अर्थात उत्तरध्रुवीय प्रदेश में पहुँचे होंगे और इन वर्णनों में उन्हीं की कही कुछ सत्य और कुछ कल्पनारंजित रोचक कथाओं की छाया विद्यमान है।
  7. भारत में भारतीय शास्त्रीयनृत्यों केभविष्य के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी ? साथ ही यह भी बताइएकि अतीतकाल में राष्ट्रीय एकीकरण के संवर्धन में इनकी क्या भूमिका रही हैऔर भविष्य में क्या संभावनाएं दिखायी पड़ती हैं? उत्तर-- शास्त्रीय शब्द परमुझे आपत्ति है क्योंकि भारत के नगरों में आप जोनर्तक-नर्तकियां देखते हैं, वे `शास्त्रीय 'भारतीय नर्तक-नर्तकी नहीं होते.
  8. जीव की सबसे बड़ी सफलता यह है कि वह ईश्वर को प्राप्त कर ले , छोटे से बड़ा बनने के लिए , अपूर्ण से पूर्ण होने के लिए , बन्ध से मुक्त होने के लिए , वह अतीतकाल से प्रयत्न करता आ रहा है , चौरासी लक्ष योनियों को पार करता हुआ इतना आगे बढ़ा आया है , वह यात्रा ईश्वर से मिलने के लिए है , बिछड़ा हुआ अपनी स्नेहमयी माता को ढूँढ़ रहा है , उसकी गोदी में बैठने के लिए छटपटा रहा है ।
  9. गौ-हत्यारों को प्राणदण्ड मिलता था | जिस प्रकार हिन्दुओं का विश्वास है कि मृत्यु के पश्चात् आत्मा गौकी पूंछ पकड़कर वैतरणी पार करती है , उसी प्रकार मिश्रवासियों के धर्मशास्त्र में लिखा है कि मृत प्राणी गौ की पूंछ पकड़कर नील नदी पार करता है | हिरोडोटस लिखता है कि मिश्रवासी बैलों का वध करते थे , किन्तु गौ की हत्या नहीं करते थे | उक्त तथ्यों से जान पड़ता है कि किसी सुदुर अतीतकाल में भारत के ही लोगों ने एशियाई देशों में होते हुए मिश्र तक पहुंचकर वहां अपनी संस्कृति का प्रसार किया था |
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