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परले दर्जे का sentence in Hindi

pronunciation: [ parale darje ka ]
परले दर्जे का meaning in English

Examples

  1. हर कोई तो यहाँ अपने को परले दर्जे का विद्वान् मानता है-कुछ लोग अपनी अहमन्यता में इस सारे आयोजन तामझाम को उपहासात्मक नजरिये से देख रहे हैं-खुद का बूता नहीं है कार्यक्रम के आयोजन का...
  2. सुना था कि इश्क सिर्फ एक बार हुआ करता है या कि पहला प्यार भुलाए नहीं भूलता या फिर पहले प्यार सी गर्मी फिर कभी नहीं आ पाती…झूठ है सब, परले दर्जे का झूठ…”ये बातें झूठी बातें हैं, ये लोगों ने …
  3. हिदी ब्लॉग जगत में एक सांड के नाम से जाना जाने वाला कैरानवी है जो खुद तो परले दर्जे का जाहिल है मगर ज़मीर फरोश ओलिमा की लिखी हुई कपटी रचनाओं को बेच कर गलाज़त भरी रोज़ी से पेट पालता है.
  4. परले दर्जे का मुख्लिस जिसे अपनी इस करीब-करीब नायाब सिफत का मुत्लक़न अहसास नहीं था-मेरा जाती ख़याल है कि वह अशखास जो अपनी ख्वाहिशात-ए-जिस्मानी का फैसला अपने हाथों को सौंप देते हैं आमतौर पर इसी किस्म के मुख्लिस होते हैं.
  5. क्षण भर के लिए कैरमन की आंखों में तैर गये शिकायत के भावों की सफाई देना और यह कहना कि वह न तो लंपट है, न ही परले दर्जे का घटिया आदमी, बल्कि उसके प्रति निश्छल मैत्री-भाव से प्रेरित होकर उसने मित्रता का अनुरोध किया था, बेहद कठिन लगने लगा था।
  6. ऐसे में जो भी यह कहता है कि मर्द औरतों के बारे में सोचना छोड़ दें तो ऐसा कहने वाले को अगर सबसे हल्का लफ़्ज़ कोई दिया जाए तो उसे नादान कहा जाएगा वर्ना अगर आपकी जगह कोई और होता तो उसे लोग परले दर्जे का बेवक़ूफ़ कहने से भी न चूकते।
  7. ये वे देश हैं जो पर्यावरण के नाम पर, जंगली जानवरों के नाम पर, बाल मजदूरों के नाम पर, मानवाधिकार के नाम पर अपने आपको परले दर्जे का जिम्मेदार साबित करते हुए बाकी तमाम देशों पर कभी आयात-निर्यात की शर्तें थोपते हैं तो कभी उनका आर्थिक बहिष्कार करते हैं।
  8. एक रत्ती भर अक्ल रखने वाले के लिए कुरआन की यह आयत ही काफ़ी है कि वह मुहम्मद को परले दर्जे का बे वकूफ आँख बंद कर के कह दे और इस्लाम से बाहर निकल आए मगर ये हरामी आलिमान दीन अपने अल्कायदी गुंडों के साथ उनकी गर्दनों पर सवार जो हैं.
  9. ऐसे तमाम मुस्लिम भाइयों से दरख्वास्त है कि मुझे पढ़ते रहें, मैं उनका ही असली खैर ख्वाह हूँ.हिदी ब्लॉग जगत में एक सांड के नाम से जाना जाने वाला कैरानवी है जो खुद तो परले दर्जे का जाहिल है मगर ज़मीर फरोश ओलिमा की लिखी हुई कपटी रचनाओं को बेच कर गलाज़त भरी रोज़ी से पेट पालता है.
  10. शब्दों के सफ़र में इस्लाम पर सार्थक चर्चा! दीगर बात यह कि आज दुनिया का सबसे विकृत धर्म अगर कोई है तो वह इस्लाम ही है-विकृतियां तो कमोबेश सभी धर्मों में समयांतर से आयीं पर जितना इस्लाम विकृत हुआ है उतना कोई भी नहीं! कारण? यह परले दर्जे का कट्टर धर्म है-नए ज्ञान को स्वीकारता नहीं है-कठमुल्ले भरे पड़े हैं!
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