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थम जाना sentence in Hindi

pronunciation: [ tham jana ]
थम जाना meaning in English

Examples

  1. बन कर इक बादल का टुकड़ा, बन तो जाऊं छांह पंथ में लेकिन तुमको अपनी गति से कुछ पल को थम जाना होगा लक्ष्य-भेद मैं कर तो दूंगा, एक तुम्हारे आवाहन से लेकिन प्रत्यंचा पर तुमको आ खुद ही चढ जाना होगा इतना अच्छा कैसे लिख लेते है आप?
  2. मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए नहीं चाहिए मुझको वैभव पर, सुख का संसार चाहिए नित नूतन धाराएं लेकर एक नदी बहती है कितनी बाधाएं टकरातीं पर आगे बढ़तीं हैं नहीं चाहती थम जाना पर, सागर का आधार चाहिए रहूँ वृक्ष से लिपटी सिमटी मैं वह बेल नहीं हूँ खेल सको आजीवन जिससे
  3. मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए नहीं चाहिए मुझको वैभव पर, सुख का संसार चाहिए नित नूतन धाराएं लेकर एक नदी बहती है कितनी बाधाएं टकरातीं पर आगे बढ़तीं हैं नहीं चाहती थम जाना पर, सागर का आधार चाहिए रहूँ वृक्ष से लिपटी सिमटी मैं वह बेल नहीं हूँ खेल सको आजीवन जिससे...
  4. मिथ्या घुंघरू के मध्यम बोलों ने कुछ कहा फुसफुसाकर गुनगुनाकर फिर होठों ने हौले हौले माहौल बनाया और तुम्हारी आँखों की गहराइयों में मैने अपने आप को डूबते, उतराते, मदमाते पाया जाने कब हुयी सुबह सूर्य किरण ने घटाओं से झांक कर देखा घुंघरू के बोलों का तीव्रतर हो थम जाना होठों पर छिडे तरानों का [...]
  5. मरीचिका मिथ्या घुंघरू के मध्यम बोलों ने कुछ कहा फुसफुसाकर गुनगुनाकर फिर होठों ने हौले हौले माहौल बनाया और तुम्हारी आँखों की गहराइयों में मैने अपने आप को डूबते, उतराते, मदमाते पाया जाने कब हुयी सुबह सूर्य किरण ने घटाओं से झांक कर देखा घुंघरू के बोलों का तीव्रतर हो थम जाना होठों पर छिडे तरानों का [...]
  6. मतलब का मतलब क्या होता है, बचपन से जाना....फिलहाल अनवरत सफर में हूं....बिना किसी मंजिल की तलाश में....कोई पड़ाव मिला तो सुस्ता लेता हूं....उसके बाद फिर चल देता हूं....मेरे लिए थमना मतलब ज़िंदगी का थम जाना होता है...लोग कहते हैं कई मसलों पर मैं हमेशा दूसरे सिरे पर खडा दिखता हूं उन लोगो को.....पर क्या करें अपन तो ऐसे ही हैं.....
  7. किसी भी पत्रिका का यकायक यों ठहर जाना / थम जाना, यद्यपि पाठकीय चेतना के ह्रास जैसे प्रश्नों पर आ कर ठहर जाता है, किंतु प्रकारांतर में कई अवांतर कथाएँ व सन्दर्भ भी इस मध्य उद्घाटित होते हैं जिन्हें साहित्यिक परिधि की उस सीमारेखा पर आकर ठहर जाने की आकुलता उद्घाटित करती है, जिसे व्यक्ति / राजनीति / छद्म या व्यापार जैसे विशेषण भी दिए जा सकते हैं।
  8. लेकिन अगर राजनीतिक दलों के लोग किसी दूसरी पार्टी के लोगों को, या अपनी पार्टी के लोगों को हिंसा का निशाना बनाते हैं, तो लोग किस भरोसे से लोकतंत्र और चुनाव में हिस्सा लेंगे? इसलिए नक्सलियों के इस बयान के साथ फिलहाल साजिश की अटकलें थम जाना चाहिए, जनता का विश्वास इतनी दूरी तक टूट जाना खतरनाक होता है, और हम बस्तर में देख ही रहे हैं कि लोकतंत्र पर से जनता का विश्वास हटने की वजह से अलोकतांत्रिक, हिंसक और आतंकी नक्सलियों को किस तरह एक जमीन हासिल हुई है।
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