कीली sentence in Hindi
pronunciation: [ kili ]
Examples
- सूर्य, कुंती (कीली), कर्ण (तिरछी रेखा या आड़ी परछाईं) और व् यास (आधार रेखा) के नामों में कोई ज् यामितीय संदर्भ है या धूपघड़ी का प्रतीक?
- यह अपनी धुरी पर घूमता हुआ आकाश गंगा के केंद्र की परिक्रमा करता है जबकि ग्रह किसी तारे सूर्य के परिवार का सदस्य होने के कारण अपनी कीली पर घूमता हुआ उसके चारों ओर परिक्रमा करता है।
- युद्धक विमानों के संचालन के बारे में संकेत दिए हैं कि आकाश में दौड़ते हुए विमान के नष् ट होने की आशंका होने पर सातवीं कीली अर्थात घुंडी चलाकर विमान के अंगों को छोटा-बड़ा भी किया जा सकता है।
- हज़रत का इर्शद है कि हाकिम की हैसीयत एक मेहवर (चक्की की कीली) की होती है जिस के गिर्द निज़ामें हुकूमत घूमता है, एक बुनियादी उसूल की हैसीयत रखता है और किसी ख़ास शख्सीयत के मुतअल्लिक नहीं है।
- तो काल पुरुष द्वारा नियुक्त काल दूत रूपी उनका विरोधी पुत्र कमाल बोला कि-चक्की के मानी (बीच में लकङी कीली वाला स्थान) से आ जाने वाले (पुण्य से कुछ देर सुरक्षित स्थान पा जाने वाले ।
- संघर्ष से हर्ष तकनित नये उत्कर्ष तक पलों से सौ वर्ष तक कथन से विमर्श तक =================चल पड़ा ये सिलसिला जो जीया सबको मिला =================अनकही को कहने कीली अजित जी ने सुध सफ़र की ये दास्तां बन गई बकलमख़ुद. सबसे मिलते हुए चलने के अंदाज़ को बधाई.......!डा.चंद्रकुमार जैन
- मूलनिवासी संगठन हो या भारत-मुक्ति-मोर्चा, वामसेफ हो या कोई और ‘ सेफ ', ये सारे के सारे संगठन इसलिए फलफूल रहे हैं, क्योंकि कहाबत है कि जब तक बेवकूफ जिंदा है, अक्लमंद भूखा नहीं मर सकता. जो लड़ाई डा. आंबेडकर ने अपने समय में लड़ी थी, ये संगठन उसी कीली के चक्कर काट रहे हैं.
- कबीर का प्रसिद्ध दोहा है-चलती चक्की देखकर दिया कबीरा रोए दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोए इसे सुनकर कमाल ने भी एक दोहा रचा-चलती चक्की देखकर दिया कमाल ठठाय जो कीली से लग गया वो साबुत रह जाय कबीर ने इस पर कहा कि यूँ तो वह कहने को कह गया लेकिन कितनी बड़ी बात कह गया उसे खुद नहीं पता।
- बुड्ढ़े की मृत्यु बुड्ढ़ा मर गया और मरते दम तक उसे यह शर्म रही कि वह पैरगाड़ी पे उचक कर नहीं चढ़ पाया जिन्दगी में बाएँ जूते को पिछले पहिये की कीली पर जमा हाथों से हैंडिल थाम कईं पैंगे मारता था और जब साइकिल चल पड़ती थी तो गद्दी पर तैर कर बैठ जाता था जैसे कोई देवदूत घाटियों से उठा और मेघों से होकर पहाड़ों में जा पहुँचा।
- का कहना है कि-आचार्य जी, बूझ पहेली आज की, दोहा लाइ खोज,21 122 21 2 22 22 21कमाल वाचे पिता से, अपने मन की मौज.121 22 12 2 112 11 2 21-“चलती चक्की देखकर दिया कमाल ठठायजो कीली से लग गया वो साबुत रह जाय ”“कबीर ने इस पर कहा कि यूँ तो वह कहने को कह गया लेकिन कितनी बड़ी बात कह गया उसे खुद नहीं पता।”आचार्य जी, वैसे तो साधारण भाषा में यह दोहा कहा गया है, क्या आप इसका गूढ़ अर्थ भी समझायेंगे?आपने सभी दोहों को परखा उसके लिए धन्यवाद.