×

भोजन वस्त्र sentence in Hindi

pronunciation: [ bhojan vastra ]
भोजन वस्त्र meaning in English

Examples

  1. इसमें सामाजिक सुरक्षा कार्य करने, आराम करने व अवकाश प्राप्त करने,कुशल जीवन जीने के लिये आवश्यक जीवनस्तर बनाये रखने के लिये पर्याप्त भोजन वस्त्र,आवास, काम के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा,मानसिक स्वास्थ्य व शिक्षा का अधिकार शामिल है ।
  2. फिर भी मजदूरों को कम से कम पेट-भर भोजन और कुछ वस्त्र तो देता ही होगा और यदिइस पर मात्र एक रुपया मासिक व्यय मान लें, साथ ही हर छोटे-बड़े कार्मिक पर भी एक रुपया मासिक ही रखें तो २ ० सहस्त्र व्यक्तियों का २२ वर्ष का केवल वेतन (भोजन वस्त्र) ही हुआ रु. बावन लाख अस्सी हजार मात्र।
  3. हमारा समाज यह कौन नहीं चाहेगा उसको मिले प्यार यह कौन नहीं चाहेगा भोजन वस्त्र मिले यह कौन न सोचेगा हो छत सर के ऊपर बीमार पड़ें तो हो इलाज थोड़ा ढब से बेटे-बेटी को मिले ठिकाना दुनिया में कुछ इज़्ज़त हो, कुछ मान बढ़े, फल-फूल जाएँ गाड़ी में बैठें, जगह मिले, डर भी न लगे यदि दफ्तर में भी जाएँ किसी तो न घबराएँ अनजानों से घुल-मिल भी मन में न पछ्तायें।
  4. हमारा समाज वीरेन डंगवाल यह कौन नहीं चाहेगा उसको मिले प्यार यह कौन नहीं चाहेगा भोजन वस्त्र मिले यह कौन न सोचेगा हो छत सर के ऊपर बीमार पड़ें तो हो इलाज थोड़ा ढब से बेटे-बेटी को मिले ठिकाना दुनिया में कुछ इज़्ज़त हो, कुछ मान बढ़े, फल-फूल जाएँ गाड़ी में बैठें, जगह मिले, डर भी न लगे यदि दफ्तर में भी जाएँ किसी तो न घबराएँ अनजानों से घुल-मिल भी मन में न पछ्तायें।
  5. अंत में एक महत्वपूर्ण तथ्य और प्राय परिवारों में देखा जाता है कि जीवित माता-पिता या अन्य सम्मानित जन की परिवार में इतनी अधिक उपेक्षा, अपमान होता है कि उनको भोजन वस्त्र के लिए भी तरसना पड़ता है उनको घर से बाहर निकल दिया जाता है, शारीरिक, मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया जाता है, और उनकी मृत्यु के पश्चात तेरहवी या वार्षिक श्राद्ध पर दिखावे के रूप में अत्यधिक धन व्यय किया जाता है ब्रह्म भोज व अन्य रूपों में.
  6. कोई व्यक्ति लोगों के सम्पर्क से बिल्कुल दूर रहे और बैठे-बैठे भोजन वस्त्र की पूरी सुविधाएँ प्राप्त करता रहे तो शायद किसी हद तक ऐसी अहिंसा का पालन कर सके, पूर्ण रीति से तो तब भी नहीं कर सकता क्योंकि साँस लेने में अनेक जीव मरेंगे, पानी पीने में सूक्ष्म जल-जन्तुओं की हत्या होगी, पैर रखने में, लेटने में कुछ न कुछ जीव कुचलेंगे, शरीर और वस्त्र शुद्ध रखने में जुयें आदि मरेंगे, पेट में कभी-कभी कृमि पड़ जाते हैं, मल त्यागने पर उनकी मृत्यु हो जायेगी ।
More:   Prev  Next


PC Version
हिंदी संस्करण


Copyright © 2023 WordTech Co.