बीते हुए समय में sentence in Hindi
pronunciation: [ bite hue samaya mem ]
Examples
- उसका शरीर पटरी पर दौड़ती गाड़ी के साथ तेजी से मंज़िल की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पीछे भागते पेड़, खेत-खलिहान, उंचे-नीचे टीले, लाल टीन की झोपड़ियां मानों उसे बीते हुए समय में ले जाने की जी-तोड़ कोशिश में लगे हुए थे।
- उन्हें दोगुनी मेहनत के साथ फिर से प्रयास करनी चाहिए, सफलता जरुर मिलेगी! उन्हें सामर्थ्य, क्षमता व उर्जा को बढ़ाना है साथ ही उन बाधाओं को dur करनाका प्रयास करना है जिनके कारण बीते हुए समय में सफलता नहीं मिली है!
- तामसकर क्लीनिक उनकी बनायी नर्सों और बैरों की पहली ट्रेड यूनियन सीताबर्डी रोड आपतुरे का बाड़ा कोयले की सबसे बड़ी टाल जुम्मा तलाब भाऊ समर्थ स्वामी कृष्णानन्द सोख़्ता नया खून और इस दृश्यलेख से अनुपस्थित बीते हुए समय में दूर कहीं बेहद चुपचाप खटते मुक्तिबोध भी
- उसका शरीर पटरी पर दौड़ती गाड़ी के साथ तेजी से मंज़िल की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पीछे भागते पेड़, खेत-खलिहान, उंचे-नीचे टीले, लाल टीन की झोपड़ियां मानों उसे बीते हुए समय में ले जाने की जी-तोड़ कोशिश में लगे हुए थे।
- जीवन के इस रहस्य को समझने की कोशिश कर रहा हूं कि दु: ख और यातना के बीच भी बेदर्द लोगों की यादें ही क्यों मनुष्य का पीछा करती हैं, जब बीते हुए समय में डूबकर वह यातनाओं से मुक्त होने की कोशिश कर रहा होता है?
- अध्याय 11 भूतकाल के निम्नलिखित छह भेद हैं-1. सामान्य भूत।2. आसन्न भूत।3. अपूर्ण भूत।4. पूर्ण भूत।5. संदिग्ध भूत।6. हेतुहेतुमद भूत।1.सामान्य भूत-क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य के होने का बोध हो किन्तु ठीक समय का ज्ञान न हो, वहाँ सामान्य भूत होता है।
- जीवन के इस रहस्य को समझने की कोशिश कर रहा हूं कि दु: ख और यातना के बीच भी बेदर्द लोगों की यादें ही क्यों मनुष्य का पीछा करती हैं, जब बीते हुए समय में डूबकर वह यातनाओं से मुक्त होने की कोशिश कर रहा होता है?
- 2. आसन्न भूत। 3. अपूर्ण भूत। 4. पूर्ण भूत। 5. संदिग्ध भूत। 6. हेतुहेतुमद भूत। 1. सामान्य भूत-क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य के होने का बोध हो किन्तु ठीक समय का ज्ञान न हो, वहाँ सामान्य भूत होता है।
- बीते हुए समय में, सर्वाधिक उच्च रेटिंग वाली प्रतिभूतियों (AAA या Aaa) के प्रमुख लक्षण कम अस्थिरता और उच्च तरलता होती थी-दूसरे शब्दों में, उच्च रेटिंग वाले बांड के मूल्य में दैनिक रूप से बहुत अधिक परिवर्तन नहीं होता था और ऎसी प्रतिभूतियों के विक्रेता को आसानी से खरीदार मिल जाते थे.
- सोचने की बात यह है कि अपने बीते हुए समय में हम परिवार के सदस्य, पड़ोसी व सिय्योन के भाई-बहनों के प्रति कितना उदार बने और क्या हम उस स्वर्गीय पिता और माता के अनुग्रह के प्रति, जिन्होंने हमें बचाने के लिए अपने बलिदान तक किया, धन्यवादित एवं कृतज्ञ रहे या नहीं।