सौजन्यता से sentence in Hindi
pronunciation: [ saujanyata se ]
Examples
- चाहे गुप्तचर हो, पुलिस या सुरक्षाकर्मी हो अधिकारी हो या कोई आम पाकिस्तानी सब हमसे अत्यंत स्नेह और सौजन्यता से पेश आ रहे थे।
- बस इतना याद रहा कि जाते-जाते उसने मेरी आत्मा खरोंच डाली थी, और मैं उसी सौजन्यता से मुस्कुराती रही थी क्योंकि मैं एक विनम्र स्त्री थी.
- राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन में हमारे चिठ्ठाकार बन्धुओं ने जिस उत्साह और सौजन्यता से प्रतिभाग करने हेतु अपनी सहमति भेंजी है उसका धन्यवाद ज्ञापन भी करना था और ज्योतिपर्व दीपावली की शुभकामनाएं भी प्रेषित करनी थीं।
- राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन में हमारे चिठ्ठाकार बन्धुओं ने जिस उत्साह और सौजन्यता से प्रतिभाग करने हेतु अपनी सहमति भेंजी है उसका धन्यवाद ज्ञापन भी करना था और ज्योतिपर्व दीपावली की शुभकामनाएं भी प्रेषित करनी थीं।
- मालवा पर प्रकृति की सदा मेहर रही है. कुदरत की सौजन्यता से ही मालवा 'पग पग रोटी,डग डग नीर' से सम्पन्न बना है.,मालवा के लोक-गायकों ने सदैव से अलमस्त प्रकृति से स्वार्थ की जगह जन-मन के शुभ-भावों को उजागर करने का आग्रह किया है.मालवा मे चौमासे को बड़ा आदर द...
- मालवा पर प्रकृति की सदा मेहर रही है. कुदरत की सौजन्यता से ही मालवा 'पग पग रोटी,डग डग नीर' से सम्पन्न बना है.,मालवा के लोक-गायकों ने सदैव से अलमस्त प्रकृति से स्वार्थ की जगह जन-मन के शुभ-भावों को उजागर करने का आग्रह किया है.मालवा मे चौमासे को बड़ा आदर द
- :) @ सलिल जी, आपने अदभुत विकल्प दिया है बेहद शाइस्ता /निहायत सलीकेमंद / सौजन्यता से भरपूर! @ स्मार्ट इन्डियन जी, नहीं, बिलकुल भी नहीं! @ संजय झा साहब, इस काम के लिए दस साल बहुत लंबा वक़्त होता है भाई:) @ आदरणीय सुब्रमनियन जी, आपने मेरी पोस्ट की इज्जत रख ली:)
- लोक-गल्प अच्छे अच्छों को निपटाने की गरज़ से गढ़े और प्रसरित किये जाते है कभी सदेच्छाओं के साथ और कभी कभी सुनियोजित दुर्भावना के तहत! इंसानों से लेकर देवता तक इनकी मारक परिधि से बाहर नही और वैविध्य इतना कि श्लीलता से लेकर अश्लीलता तक, शब्द से लेकर अपशब्द तक और सौजन्यता से लेकर धृष्टता तक के सारे के सारे भाव इनके अधिकार क्षेत्र में शामिल माने जाते हैं!
- ये मनभावन मेवला गीत मालवा पर प्रकृति की सदा मेहर रही है. कुदरत की सौजन्यता से ही मालवा 'पग पग रोटी,डग डग नीर' से सम्पन्न बना है.,मालवा के लोक-गायकों ने सदैव से अलमस्त प्रकृति से स्वार्थ की जगह जन-मन के शुभ-भावों को उजागर करने का आग्रह किया है.मालवा मे चौमासे को बड़ा आदर दिया गया है.समीसांझ के मेवला को आदरणीय पावणा (मेहमान) माना गया है और उसे मालव की सुहानी रात में विश्राम का खुला न्योता प्राप्त हुआ है.अब मनभावन मालवा मनुष्य की बेपरवाही से बंजर होने की कगार पर है.