पालतूपन sentence in Hindi
pronunciation: [ palatupan ]
Examples
- पहले तो व्यंग्य की तर्ज़ पर ही पढ़ा, मगर आप तो पालन पोषण को लेकर गंभीर निकले! ये पालतूपन तो बड़े काम का है!
- मुझे यकीन है कि खालिस देह से मनुष्य हो जाने और मनुष्य होकर दूसरी देहों को अपने मातहत कर लेने में पालतूपन का बहुत बड़ा योगदान है!
- या तो वह स्मृत जीवन से जुड़े हुए अपने अनुभवों के पालतूपन का शिकार हो जाता है या फिर घोर वैयक्तिक स्तर पर एक जीवन को दैनंदिन विवरण की बही बना डालता है.
- ठाकुर अपनी तरफ़ से खेती-बाड़ी की चर्चा छेड़ते तो भी उस चढ़ती उम्र के लौंडे के चेहरे का भकुआपन न दरकता, जबकि रघुराज सिंह इस मौके पर उसके मुँहासों भरे गहरे सावँले चेहरे पर पालतूपन की तरलता देखने का प्रयास करते थे ।
- मेरा ख्याल है कि इंसान धरती पर दाखिल होने से लेकर ख़ारिज होने तक के, दरम्यान ठीक उसी तरह के पालतूपन की प्रक्रिया से गुज़रता है जिसे कि उसने अपने अस्तित्व रक्षण के मद्दे नज़र चौपायों के लिए तय कर रखा है!
- ठाकुर अपनी तरफ़ से खेती-बाड़ी की चर्चा छेड़ते तो भी उस चढ़ती उम्र के लौंडे के चेहरे का भकुआपन न दरकता, जबकि रघुराज सिंह इस मौके पर उसके मुँहासों भरे गहरे सावँले चेहरे पर पालतूपन की तरलता देखने का प्रयास करते थे ।
- उस लपलपाती हुई जीभ और हिलती हुई दुम के बीच भूख का पालतूपन हरकत कर रहा है उसे तुम्हारी शराफत से कोई वास्ता नहीं है उसकी नज़र न कल पर थी, न आज पर है सारी बहसों से अलग वह हड्डी के एक टुकड़े और कौर-भर (सीझे हुए) अनाज पर है
- अगर वह खुद के पालतूपन के दौर / अनुभवों से नहीं गुज़रता तो फिर पशुओं के पालतूपन को अपने लिए मुफीद कैसे जानता? सच कहूं तो पालतूपन से पहले के मनुष्य और पशु में कोई अंतर भी नहीं है और अगर पशु जगत में से कोई एक वर्ग भी, मनुष्यों से पहले पालतू हो पाया होता तो शायद दुनिया का नज़ारा कुछ और ही होता! नि:संदेह पहले के पालतू को बाद वाले पालतू पर वैसे ही बढ़त हासिल होती जैसे कि आज मनुष्यों को पशुओं पर है!
- अगर वह खुद के पालतूपन के दौर / अनुभवों से नहीं गुज़रता तो फिर पशुओं के पालतूपन को अपने लिए मुफीद कैसे जानता? सच कहूं तो पालतूपन से पहले के मनुष्य और पशु में कोई अंतर भी नहीं है और अगर पशु जगत में से कोई एक वर्ग भी, मनुष्यों से पहले पालतू हो पाया होता तो शायद दुनिया का नज़ारा कुछ और ही होता! नि:संदेह पहले के पालतू को बाद वाले पालतू पर वैसे ही बढ़त हासिल होती जैसे कि आज मनुष्यों को पशुओं पर है!
- अगर वह खुद के पालतूपन के दौर / अनुभवों से नहीं गुज़रता तो फिर पशुओं के पालतूपन को अपने लिए मुफीद कैसे जानता? सच कहूं तो पालतूपन से पहले के मनुष्य और पशु में कोई अंतर भी नहीं है और अगर पशु जगत में से कोई एक वर्ग भी, मनुष्यों से पहले पालतू हो पाया होता तो शायद दुनिया का नज़ारा कुछ और ही होता! नि:संदेह पहले के पालतू को बाद वाले पालतू पर वैसे ही बढ़त हासिल होती जैसे कि आज मनुष्यों को पशुओं पर है!