व्यासार्ध meaning in Hindi
[ veyaasaaredh ] sound:
व्यासार्ध sentence in Hindi
Meaning
संज्ञा- वृत्त के केंद्र से परिधि तक की रेखा जो व्यास की आधी होती है:"इस वृत्त का अर्धव्यास पाँच सेंटीमीटर है"
synonyms:त्रिज्या, अर्ध-व्यास, अर्धव्यास, त्रिजीवा, अर्द्धव्यास, अर्द्ध-व्यास, इषु
Examples
More: Next- भू को केंद्र मानकर एक त्रिज्या के व्यासार्ध से वृत्त खींचा , वह कक्षावृत्त हुआ।
- भू को केंद्र मानकर एक त्रिज्या के व्यासार्ध से वृत्त खींचा , वह कक्षावृत्त हुआ।
- नीचोच्च भंगि के लिये कक्षावृत्त पर स्थित मध्यम ग्रह से मंदांत्यफलज्या तुल्य व्यासार्ध से एक वृत्त खींच लेते हैं , जिसे मंदपरिधि वृत्त कहते हैं।
- नीचोच्च भंगि के लिये कक्षावृत्त पर स्थित मध्यम ग्रह से मंदांत्यफलज्या तुल्य व्यासार्ध से एक वृत्त खींच लेते हैं , जिसे मंदपरिधि वृत्त कहते हैं।
- शीघ्रांत्यफलज्याओं और त्रिज्याओं की ग्रहकक्षाव्यासार्धं और रविकक्षाव्यासार्ध से तुलना करने पर बुध , शुक्र, मंगल, बृहस्पति तथा शनि की कक्षाओं के व्यासार्ध पृथ्वी से रवि की दूरी के सापेक्ष .3694, .7278, .1.5139, .5.1429 तथा 9.2308 आते हैं।
- शीघ्रांत्यफलज्याओं और त्रिज्याओं की ग्रहकक्षाव्यासार्धं और रविकक्षाव्यासार्ध से तुलना करने पर बुध , शुक्र , मंगल , बृहस्पति तथा शनि की कक्षाओं के व्यासार्ध पृथ्वी से रवि की दूरी के सापेक्ष .3694 , .7278 , .1 .5139 , .5 .1429 तथा 9.230 8 आते हैं।
- 15 सैं . मी. व्यासार्ध व 20 सैं.मी. के गहरे गड्ढे करें और सब प्राकृतिक घासों को चरागाहों से निकाल दें| इन गड्ढों में उर्वरकों को अच्छी तरह से मिलाएं व फिर बीज को बिखेर कर मिट्टी में मिला दें| यह बिजाई क्षेत्र-2 में जून के अंत, क्षेत्र-3 में अक्तूबर व क्षेत्र-4 में अप्रैल में करें|
- ६ १ . - ६ २ ) . अविमुक्त उस स्थान को कहते है जो २ ०० धनुष व्यासार्ध ( ८ ०० हाथ या १ २ ०० फ़ुट ) मे विश्वेश्वर के मन्दिर के चतुर्दिक विस्तृत है , काशी खण्ड में अविमुक्त को पंचकोश तक विस्तृत बताया गया है , पर वहां वह शब्द काशी के प्रयुक्त हुआ है .
- यह भी देखा गया कि ज्यों-ज्यों इलेक्ट्रानों का वेग बढ़ता है त्यों त्यों इन वृत्तों का व्यासार्ध घटता है , जिससे स्पष्ट है कि इलेक्ट्रान का तरंगदैर्ध्य वेग के बढ़ने से घटता है, क्योंकि ऐसी विवर्तन आकृतियाँ केवल तरंगों द्वारा ही बन सकती हैं, न कि किरणों द्वारा, अत: प्रयोग पूर्णतया सिद्ध करता है कि इलेक्ट्रान तरंगों के सदृश व्यवहार करते हैं
- यह भी देखा गया कि ज्यों-ज्यों इलेक्ट्रानों का वेग बढ़ता है त्यों त्यों इन वृत्तों का व्यासार्ध घटता है , जिससे स्पष्ट है कि इलेक्ट्रान का तरंगदैर्ध्य वेग के बढ़ने से घटता है, क्योंकि ऐसी विवर्तन आकृतियाँ केवल तरंगों द्वारा ही बन सकती हैं, न कि किरणों द्वारा, अत: प्रयोग पूर्णतया सिद्ध करता है कि इलेक्ट्रान तरंगों के सदृश व्यवहार करते हैं।