बरसू meaning in Hindi
[ bersu ] sound:
बरसू sentence in Hindi
Meaning
संज्ञा- एक प्रकार का पेड़:"इस वन में बरसू की अधिकता है"
Examples
More: Next- रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय के पास एक गाँव है बरसू
- कब से सोच रहा था कि बरसू , पर बादलों कि तरह सिर्फ़
- शुक्रवार दोपहर उत्तरकाशी से लगभग 40 किलोमीटर उपर बरसू टाप पर बादल फटने के भटवाड़ी से लेकर डुण्डा तक भारी जन धन की हानि हुई है।
- सतनी सराय मुहल्ले में श्री बरसू और श्री गंगा विषुन का मकान , भृगु मन्दिर के पास क्रान्तिकारी युवा श्री रामनाथ प्रसाद का मकान फौजियों ने फूंक दिया।
- | बरसू गाँव भी आम पहाड़ी गाँवों की तरह ही है , लेकिन इस गाँव में रहने वाली पाँच बुजुर्ग महिलाओं का काम कुछ अलग तरह का है | उम्र के चौथे पड़ाव में पहुँची ये वयोवृद्ध महिलायें पुरानी प्रथाओं, रीति-रिवाज ,पूजा-पाठ की विधियां और मांगल गीतों …
- रुद्रप्रयाग जनपद के अन्तर्गत भीरी , बांसवाड़ा व केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट जंगल , रुद्रप्रयाग मुख्यालय के समीप , बडसारी , गंवाणा , खाकरा , नौगांव , नरकोटा , लोली , धोडीधार के समीप , स्यारी , झिरमौली , लमेरी , तैला , भैंसगांव , दैणीमाडा , सुमाड़ी अगस्त्यमुनि , चंद्रापुरी , चोपड़ा , पुनाड़ , बरसू व जाखणी रेंज के अन्तर्गत , पांजणा चोपड़ा , जाखणी व लोंगा के जंगल पूरी तरह जल गये।
- रुद्रप्रयाग जनपद के अन्तर्गत भीरी , बांसवाड़ा व केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट जंगल , रुद्रप्रयाग मुख्यालय के समीप , बडसारी , गंवाणा , खाकरा , नौगांव , नरकोटा , लोली , धोडीधार के समीप , स्यारी , झिरमौली , लमेरी , तैला , भैंसगांव , दैणीमाडा , सुमाड़ी अगस्त्यमुनि , चंद्रापुरी , चोपड़ा , पुनाड़ , बरसू व जाखणी रेंज के अन्तर्गत , पांजणा चोपड़ा , जाखणी व लोंगा के जंगल पूरी तरह जल गये।
- कर जतन हो सकेगा और तेरा ही होगा , हाथ की लकीरे तो रह गई मुडी हुई, मन तेरा गर सधा रहा तो, जनम ये सफल होगा; खोल कर मन का पिटारा स्वीकार कर द्वंद सारा, उफन पड़ेगा शायद बह भी जाए, इन आँखों के रस्ते, ....बहने दे पर, फिर जीवन सरल होगा; चलूं ही क्यों इतना बोझ लेकर, जो ढोते कई और है, ढोने दो , मेरा क्या मैं तो ख़ुद एक बादल हूँ , गरजकर भलें ही बरसू...
- फुन्दासाऊँ ओरिएन्त और फुन्दासाऊँ सीदाद द गोवा के सौजन्य से ४ से ६ फरवरी के बीच मोंत देवी के पूजा घर ( चैपल ) , पुराना गोवा में मोंत संगीत समारोह २ ० ११ का आयोजन किया गया जिस में सोनिया शिर्सत ने सूर्यास्त के समय “ बरसू नेग्रू ” गाया | इस वर्ष इस उत्सव में भारतीय संगीत और नृत्य को प्रमुखता दी गयी | यह इस समारोह का नौंवा संस्करण था जो 2002 में फुन्दासाऊँ द्वारा चैपल का जीर्णोद्धार करने के बाद शुरू हुआ |