नचवाना meaning in Hindi
[ nechevaanaa ] sound:
नचवाना sentence in Hindi
Meaning
क्रिया- नाचने का काम दूसरे से कराना:"घर में बच्चा पैदा होने पर कुछ लोग हिजड़ों को नचवाते हैं"
Examples
More: Next- अगले शनिवार को मुझे रण्डी सपना और निशा को नंगा नचवाना है।
- नृत्य भी कहानी में गूँथा हुआ होता था ऐसा नहीं नचवाना है तो कहीं भी नचवा लिया .
- मैं ख़ुद भी एक कोरियोग्राफ़र रह चुका हूँ इसलिए जानता हूँ कि जिनको डांस नहीं आता या जो डांस आते हुए भी हिचकते हैं , उनको कैसे नचवाना है.”
- टकों के सामने निर्वस्त्र नचवाना तो अपने आप में शर्मनाक और अमानवीय घटना है ही , मगर इससे अधिक शर्मनाक यह है कि ऊँची विकास दर का ढिंढोरा पीटने वाले भारत जैसे देश में ऐसे दी...
- अर्धनग्न लड़कियों को कारों के इर्दगिर्द नचवाना , फिल्मी हीरो से परदे पर गाड़ी चलवाना , इन सब चित्र और रील को छपने व प्रदर्शित करने के लिए मीडिया के विज्ञापन में पैसा पानी की तरह बहाना।
- यह एक सतही सोच या पुरातनपंथी नज़रिया है जो साहित्य को कभी सुलभ नही होने देता उसे व्याकरण , वाद, शैली और भाषा की बेड़ियों से जकड़ कर रखता है और रचनाकार को अपना दास बनाकर रचना को अपने आँगन नचवाना पसंद करता है।
- यह एक सतही सोच या पुरातनपंथी नज़रिया है जो साहित्य को कभी सुलभ नही होने देता उसे व्याकरण , वाद , शैली और भाषा की बेड़ियों से जकड़ कर रखता है और रचनाकार को अपना दास बनाकर रचना को अपने आँगन नचवाना पसंद करता है।
- पाला एक ऐसी कला है , जो चारों ओर खुला रहने वाले मंच पर पेश किया जा सकता है तथा इसमें न केवल गायन प्रस्तुत किया जाता है, बल्कि गायन शैली के साथ झूमकर चामर हिलाना तथा अपनी मंडली को ताल में नचवाना पाला गायन का हिस्सा है।
- यार और कुछ नहीं तो आप लोग मुंबई को भगवान् के लिए ही छोड़ दो ! अपनी गुंडागर्दी को राजनीती और धर्म और भाषा के लबादों में लपेट कर नचवाना बंद करो...वर्ना आज जो हिन्दोस्तान तुमसे अपनी सीमाओं को पहचान कर उनमे रहने की गुज़ारिश कर रहा है ...कल अगर उग्र हो गया तो इस गुंडागर्दी के बम्बू और तम्बू को उखाड़ते देर नहीं लगेगी !
- मसलन , उस युवक ने यह दुस्साहस कैसे किया? कंपनी को अपने उत्पाद प्रचार हेतु चौराहे-चौराहे फिल्मी धुनों पर युवतियों को नचवाना क्यों उचित लगा? होड़ की यह धुन हमेंकहाँ लेकर आ गई? जहाँ लेकर आई है, वहाँ सिर्फ और सिर्फ यही सवाल पैदा होता है-'ये कहाँ आ गए हम?' इसका जवाब यही है कि हम जहाँ आ गए हैं, वहाँ हमारा नैतिक पतन गंभीर मोड़ पर आ गया है।